आचार्य इंस्टीट्यूट पर 50 हजार जुर्माना, 24 घंटे में भुगतान का निर्देश

बिलासपुर। शहर की सड़कों, चौक-चौराहों, डिवाइडर और बिजली के खंभों पर अवैध बैनर-पोस्टर लगाने वालों की अब खैर नहीं। नगर निगम ने एमआईसी (महापौर परिषद) की बैठक में कड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि किसी भी शासकीय संपत्ति पर फ्लेक्स, बैनर या पोस्टर लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा करने पर हर फ्लेक्स के लिए 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और वैधानिक कार्रवाई भी होगी।

अब हर फ्लेक्स पर मुद्रक का नाम अनिवार्य

नगर निगम ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अब हर फ्लेक्स में प्रिंटर (मुद्रक) का नाम और विवरण देना अनिवार्य होगा। अगर कोई अवैध फ्लेक्स पाया गया, तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ लगाने वाले पर नहीं बल्कि छापने वाले पर भी होगी। जुर्माना की आधी राशि मुद्रक से और आधी फ्लेक्स छपवाने व लगाने वाले से वसूली जाएगी।

निगम कमिश्नर ने जारी किया निर्देश

निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी जोन कमिश्नरों और अतिक्रमण शाखा को निर्देश दिया है कि तत्काल प्रभाव से सभी शासकीय संपत्तियों को अवैध फ्लेक्स-बैनर से मुक्त कराया जाए और ऐसे तत्वों पर जुर्माना लगाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए सभी जोन में निगरानी और कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित जोन कमिश्नर और अतिक्रमण शाखा प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

सड़क किनारे बोर्ड लगाने पर भी होगी कार्रवाई

दुकानों के बाहर सड़क पर स्थायी रूप से बोर्ड लगाने की शिकायतें भी निगम के संज्ञान में आई हैं। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बुधवार को प्रिंटर्स, राजनीतिक दलों की बैठक

इस निर्णय की जानकारी देने और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को विकास भवन में सभी प्रिंटर्स, टेंट व्यावसायियों, राजनीतिक दलों और विज्ञापन से जुड़े अन्य व्यवसायियों की बैठक बुलाई गई है।

अवैध विज्ञापन के लिए 50 हजार जुर्माना

नगर निगम ने शहर में अवैध रूप से विज्ञापन बोर्ड, बैनर और होर्डिंग्स लगाने के मामले में आचार्य इंस्टीट्यूट पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संस्था द्वारा बिना अनुमति के बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइट पोल और अन्य शासकीय संपत्तियों पर अपने इंस्टीट्यूट का प्रचार-प्रसार किया गया था।

बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर-बैनर

नगर निगम की जांच में पाया गया कि आचार्य इंस्टीट्यूट ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, पेड़-पौधों और शासकीय संपत्तियों पर फ्लेक्स, बैनर, होर्डिंग्स के माध्यम से प्रचार किया। यह कार्य विज्ञापन (पंजीयन एवं विनियमन) आदर्श उपविधि 2012 का स्पष्ट उल्लंघन है।

निगम ने हटवाए सभी अवैध विज्ञापन

निगम ने संस्था के सभी अवैध विज्ञापन बोर्डों को अपने संसाधनों और श्रमिकों की मदद से हटवाया। इस कार्रवाई में लगे खर्च और नियम उल्लंघन को आधार बनाते हुए संस्था पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।

24 घंटे में भरें जुर्माना, वरना होगी सख्त कार्रवाई

निगम ने आचार्य इंस्टीट्यूट को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जुर्माना राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने की स्थिति में संस्थान के खिलाफ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और संबंधित उपविधियों के तहत उसके कार्यालय को सील करने समेत अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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