बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 26 अगस्त से नई बेंचों का गठन किया जा रहा है। कोर्ट ने पुराने रोस्टर में संशोधन करते हुए अलग-अलग जजों को नए काम सौंपे हैं। अब तय नियमों के अनुसार सिविल, क्रिमिनल, टैक्स, कंपनी, सर्विस और जमानत से जुड़े मामलों की सुनवाई अलग-अलग बेंचों में होगी।

नई व्यवस्था में डिवीजन बेंच-II का जिम्मा जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल को दिया गया है। यह बेंच उन सभी सिविल मामलों की सुनवाई करेगी जो दूसरी डिवीजन बेंच को नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा कंपनी अपील, टैक्स और रिट अपील, ट्रिब्यूनल से जुड़े पुराने मामले, आर्बिट्रेशन एक्ट की धारा 11, क्रिमिनल रिवीजन और जमानत आवेदन भी इसी बेंच के पास रहेंगे।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा की विशेष बेंच को गंभीर अपराधों, खासकर मृत्युदंड और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की जमानत अर्जी पर सुनवाई का जिम्मा सौंपा गया है। यह बेंच दोपहर 2:15 बजे से बैठेगी या डिवीजन बेंच-I का काम खत्म होने के बाद शुरू होगी।

सिंगल बेंचों में भी बदलाव किया गया है। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू की बेंच अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कानून की अपील, 2017 से आगे के क्रिमिनल रिवीजन और 2021 व 2024 से आगे की आपराधिक अपीलें सुनेंगी। वहीं, जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की बेंच मोटर व्हीकल एक्ट की अपील और अन्य बंधे हुए मामलों पर सुनवाई करेगी।

जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की सिंगल बेंच को 2006 तक के सभी रिट याचिका, 2016 तक के सर्विस मामले और 2024 से आगे के अक्विटल अपील सुनने की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी बेंच भी दोपहर बाद 2:15 बजे से बैठेगी।

यह नया रोस्टर 11 जुलाई और 24 जुलाई 2025 के पुराने रोस्टर में संशोधन करके लागू किया गया है। 26 अगस्त से हाईकोर्ट में मामलों की सुनवाई नई व्यवस्था के तहत होगी।

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