9 अक्टूबर के पहले शासन को बताना होगा, जिम्मेदार अफसरों पर क्या कार्रवाई की गई, आगे के लिए क्या कदम उठाए गए

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के एक स्कूल में हुई दर्दनाक घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। तीन साल की बच्ची की मौत पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सवाल किया – “स्कूल परिसर में डीजे का सामान क्यों रखा गया? क्या वहां नाच-गाना होता है?”

हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट, बढ़ाया मुआवजा

मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज करते हुए कोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर से शपथपत्र के साथ पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा था। साथ ही यह भी पूछा गया कि पीड़ित परिवार को कितनी आर्थिक सहायता मिली है।
शासन की तरफ से जानकारी दी गई कि रेडक्रास सोसायटी ने 50 हजार रुपये दिए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश दिए। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

14 अगस्त को हुआ था हादसा

यह हादसा सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 14 अगस्त को हुआ। तालापारा के स्कूल परिसर में खेल रही तीन साल की मुस्कान महिलांग पर डीजे का लोहे का पाइप गिर गया। गंभीर चोट लगने से बच्ची की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में लगी चोट बताई गई। इसके बाद डीजे संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

डीजे संचालक और सहयोगियों पर केस दर्ज

सरकार ने कोर्ट को बताया कि डीजे संचालक रोहित  देवांगन और उसके सहयोगियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कैसे होगी और आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here