रायपुर। छत्तीसगढ़ में न्यायिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर गुरुवार को हड़कंप मच गया, जब तीन अलग-अलग जिलों के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस ने एहतियातन अदालत परिसरों को खाली कराया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, तुरंत खाली कराए गए परिसर
धमकी की जानकारी सामने आते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। न्यायालयों में मौजूद न्यायाधीश, वकील, कर्मचारी और पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरे परिसर को घेराबंदी कर सघन जांच की गई।
तलाशी में कोई विस्फोटक नहीं मिला
कई घंटों तक चली तलाशी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी न्यायालय परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है। प्रारंभिक जांच में यह धमकी अफवाह या शरारत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच जारी है।
ई-मेल की जांच, साइबर टीम जुटी
पुलिस ने धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। भेजने वाले की पहचान, ई-मेल सर्वर और आईपी एड्रेस का पता लगाने के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यायिक कार्य प्रभावित, बाद में बहाल
सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए न्यायिक कार्य बाधित रहा, लेकिन तलाशी पूरी होने और स्थिति सामान्य होने के बाद कामकाज क्रमशः बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
बिलासपुर में परिसर सील किया गया
बिलासपुर जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिला न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे परिसर को तत्काल सील कर प्रवेश करने वालों की मेटल डिटेक्टर से जांच शुरू की गई।
मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और बिलासपुर के अलावा मध्यप्रदेश के रीवा जिला अदालत को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बिलासपुर में धमकी के बाद जिला न्यायालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान शुरू किया गया डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने स्तर न्यायालय परिसर के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भी स्थित है, इसके चलते धमकी को अधिक गंभीरता से लिया गया। सेशन कोर्ट में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।
जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं कोर्ट परिसर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने में लगे रहे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि धमकी वीपीएन का इस्तेमाल कर ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है। मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में इसे अफवाह फैलाने या दहशत पैदा करने की शरारत मानी जा रही है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आशंका को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं।













