राज्यसभा के दो-तिहाई सदस्यों का दलबदल ; केजरीवाल ने BJP पर लगाया ‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप

नई दिल्ली। देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ छह अन्य सांसदों ने भी AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया।

राघव चड्ढा ने दावा किया कि AAP के राज्यसभा के कुल 10 सांसदों में से दो-तिहाई से अधिक इस फैसले के समर्थन में हैं और उन्होंने आवश्यक दस्तावेज भी जमा कर दिए हैं।

आंतरिक विवाद बना बड़ी वजह

जानकारी के अनुसार, चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। उन्हें हाल ही में राज्यसभा में AAP के डिप्टी लीडर पद से हटाया गया था, जिसके बाद विवाद खुलकर सामने आया।

  • कुछ दिन पहले AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया था।
  • उनकी जगह अशोक मित्तल को नया डिप्टी लीडर बनाया गया।
  • चड्ढा को पार्टी की ओर से बोलने का समय भी नहीं देने का निर्देश जारी किया गया था।
  • हाल ही में अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED की छापेमारी भी हुई थी।

किन सांसदों ने छोड़ी AAP

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों के BJP में जाने की चर्चा है, उनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी के नाम शामिल हैं। संदीप पाठक और अशोक मित्तल पत्रकार वार्ता के दौरान राघव चड्ढा के साथ मौजूद थे।

इस सामूहिक इस्तीफे को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्यसभा में पार्टी की ताकत पर सीधा असर पड़ सकता है।

राघव चड्ढा का बड़ा बयान

राघव चड्ढा ने AAP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

  • “जिस पार्टी को मैंने अपना खून-पसीना देकर 15 साल की जवानी समर्पित की, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से पूरी तरह भटक चुकी है।”
  • “AAP अब देश या राष्ट्रीय हित के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत फायदे के लिए काम कर रही है।”
  • “मैं सही व्यक्ति गलत पार्टी में था।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व में आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई और भारत को विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने जैसे फैसले उन्हें आकर्षित करते हैं। चड्ढा ने वादा किया कि वे आम लोगों के मुद्दों को पहले की तरह ही जोरदार तरीके से उठाते रहेंगे।

AAP का पलटवार—‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप

AAP नेतृत्व ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाकर सांसदों को तोड़ने का आरोप लगाया और इसे “ऑपरेशन लोटस” बताया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस कदम को जनादेश के साथ विश्वासघात बताया और BJP पर राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया।

राजनीतिक असर दूरगामी

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह घटनाक्रम न केवल AAP के संगठनात्मक ढांचे को प्रभावित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में BJP की स्थिति को और मजबूत कर सकता है। साथ ही, संसद के ऊपरी सदन में समीकरण बदलने की भी संभावना है। यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है और आने वाले समय में दिल्ली- पंजाब समेत कई राज्यों की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

यह घटना AAP के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली AAP अब संसद के ऊपरी सदन में कमजोर हो गई है। कई नेता इसे AAP की आंतरिक कलह और सिद्धांतों से भटकने का नतीजा बता रहे हैं।

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