नई दिल्ली।  सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने NDA (नेशनल डिफेंस एकेडमी) पासिंग आउट परेड की समीक्षा के बाद महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है।  यह केवल अस्थायी संघर्ष विराम (temporary ceasefire) है। तीनों सेनाएं (थल, वायु और जल सेना) अगले युद्ध/संघर्ष के लिए 24 घंटे तैयार हैं और ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी कर रही हैं, जिसमें संयुक्त अभियान (joint operations), आधुनिक तकनीक (ड्रोन, मिसाइल, साइबर, स्पेस) और मल्टी-डोमेन वॉरफेयर पर जोर है।

पृष्ठभूमि क्या है?

  • अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए। हमलावरों ने लोगों की पहचान धर्म के आधार पर की थी।
  • 7 मई 2025: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसमें मिसाइल, ड्रोन और एयर स्ट्राइक्स से पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकवादी कैंपों (Jaish-e-Mohammed और Lashkar-e-Taiba से जुड़े) को निशाना बनाया गया। भारत ने दावा किया कि सैन्य या नागरिक ठिकानों को नहीं छुआ गया। ऑपरेशन लगभग 88 घंटे चला।
  • पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों तरफ हवाई झड़पें और ड्रोन हमले हुए। 10 मई 2025 को संघर्ष विराम हुआ।
  • यह 1971 के बाद पाकिस्तान के अंदर सबसे गहरी भारतीय सैन्य कार्रवाई थी। इससे भारत की “न्यू नॉर्मल” नीति स्पष्ट हुई। इसे आतंकवाद पर सीमा पार से सर्जिकल/प्रिसिजन स्ट्राइक्स माना गया।

आर्मी चीफ ने क्या कहा है-

  • ऑपरेशन सिंदूर 2.0: भारत पूरी तरह तैयार है। अगर पाकिस्तान दोबारा आतंकवाद को बढ़ावा देगा या गलत कदम उठाएगा, तो उचित जवाब दिया जाएगा। तीनों सेनाओं में बेहतर तालमेल पर काम चल रहा है।
  • पाकिस्तान को चेतावनी: अगर आतंकवादियों को शरण देना जारी रखा तो पाकिस्तान को “भूगोल या इतिहास” का फैसला करना पड़ेगा।
  • आर्मी चीफ ने कहा कि पारदर्शी युद्धक्षेत्र (transparent battlefield), सूचना युद्ध (information warfare), विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता  होगी, और लंबे संघर्ष के लिए तैयारियां जारी है।

यह बताना जरूरी है कि भारत की आधिकारिक नीति आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की है।

 

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