बिना उचित सुनवाई गलत नियम के तहत की गई थी कार्रवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बालोद जिले के डौंडी-लोहारा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा सहायक शिक्षिका (पंचायत) तस्लीम बानो को सेवा से बर्खास्त किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने माना कि विभागीय कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और गलत नियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की गई।
न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने 7 जुलाई 2026 को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद याचिका स्वीकार करते हुए 24 अगस्त 2021 को जारी बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया।
2005 में हुई थी नियुक्ति
मामले के अनुसार तस्लीम बानो की नियुक्ति वर्ष 2005 में शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीटोला, जनपद पंचायत डौंडी-लोहारा (जिला बालोद) में सहायक शिक्षिका (पंचायत) के पद पर हुई थी। वर्ष 2009 में उनकी सेवाएं नियमित कर दी गई थीं।
पारिवारिक कारणों से उन्होंने 9 फरवरी 2015 को खंड शिक्षा अधिकारी को अवैतनिक अवकाश के लिए आवेदन दिया था। बाद में 4 नवंबर 2020 को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र भी प्रस्तुत किया।
त्यागपत्र स्वीकार करने के बजाय कर दी बर्खास्तगी
याचिका के अनुसार विभाग ने त्यागपत्र पर निर्णय लेने के बजाय विभागीय जांच शुरू कर दी। जांच के बाद 24 अगस्त 2021 को जनपद पंचायत डौंडी-लोहारा के सीईओ ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
इस आदेश को चुनौती देते हुए तस्लीम बानो ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
गलत नियम के तहत की गई कार्रवाई
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने अदालत को बताया कि तस्लीम बानो नियमित कर्मचारी थीं। ऐसे में उनके विरुद्ध कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के नियम 7 के तहत की जानी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विभाग ने लगभग 233 दिनों की अनुपस्थिति को आधार बनाकर विभागीय जांच तो की, लेकिन शिक्षिका को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर दिए बिना नियम 10 के तहत बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया, जो कानून के अनुरूप नहीं था।
हाईकोर्ट ने दी राहत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया विधिसम्मत नहीं थी। अदालत ने पाया कि नियमित कर्मचारी के मामले में गलत नियम के तहत कार्रवाई की गई है।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने जनपद पंचायत डौंडी-लोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 24 अगस्त 2021 को जारी बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करते हुए तस्लीम बानो की याचिका स्वीकार कर ली।














