तत्काल टिकट के लिए बिलासपुर में पेपरलेस टोकन सिस्टम की शुरुआत, 

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) यात्रियों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल तकनीक का तेजी से विस्तार कर रहा है। भारतीय रेलवे के डिजिटल परिवर्तन अभियान और केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन के अनुरूप रेलवे ने टिकट बुकिंग, कैशलेस भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देते हुए कई नई पहल शुरू की हैं।

इसी क्रम में 25 जुलाई 2026 से बिलासपुर आरक्षण कार्यालय में तत्काल टिकट बुकिंग के लिए सेल्फ डिस्पेंसिंग पेपरलेस टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इस व्यवस्था से टोकन वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हुई है, भीड़भाड़ कम हुई है और यात्रियों को अधिक पारदर्शी एवं सुगम सेवा मिल रही है।

56 स्टेशनों पर 120 एटीवीएम मशीनें

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने त्वरित टिकट बुकिंग के लिए अपने तीनों मंडलों के 56 स्टेशनों पर 120 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) स्थापित की हैं। इसके अलावा 12 स्टेशनों पर 26 मोबाइल यूटीएस (m-UTS) प्रणाली भी संचालित की जा रही है।

रेलवे के अनुसार, डिजिटल टिकटिंग के क्षेत्र में एटीवीएम सबसे लोकप्रिय माध्यम बनकर उभरा है। वर्तमान में जारी होने वाले कुल डिजिटल टिकटों में 37.07 प्रतिशत टिकट एटीवीएम के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं।

यात्री सुविधा केंद्रों का भी विस्तार

रेल टिकटिंग सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 19 यात्री टिकट सुविधा केंद्र (YTSK) तथा 4 जन टिकट बुकिंग सेवक (JTBS) केंद्रों का संचालन कर रहा है। इससे यात्रियों को अपने आसपास ही टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

डिजिटल भुगतान में कई गुना बढ़ोतरी

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के माध्यम से होने वाले डिजिटल भुगतान का प्रतिशत वित्तीय वर्ष 2021-22 के 1.58 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई 2026 तक 41.61 प्रतिशत पहुंच गया है।

इसी तरह, ATVM के जरिए होने वाले 19.67 प्रतिशत, UTS के माध्यम से 11.34 प्रतिशत और स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट (STBA) के जरिए 10.49 प्रतिशत भुगतान अब डिजिटल माध्यमों से किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि यात्री तेजी से UPI, QR कोड और अन्य कैशलेस भुगतान विकल्पों को अपना रहे हैं।

‘रेलवन’ ऐप भी बना यात्रियों की पसंद

भारतीय रेलवे का ‘रेलवन (RailVan)’ ऐप भी यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग, ट्रेन संबंधी जानकारी और ‘रेल मदद’ जैसी कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कहना है कि आने वाले समय में भी आईटी आधारित सेवाओं का विस्तार जारी रहेगा, ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय, सुरक्षित, पारदर्शी और अधिक सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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