रिंग रोड-2, स्वर्ण जयंती नगर में दर्दनाक हादसा
बिलासपुर, 5 अगस्त। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रिंग रोड क्रमांक-2 स्थित स्वर्ण जयंती नगर में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। निर्माणाधीन मकान की छत पर काम के दौरान दोनों मजदूर ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार, कस्तूरबा नगर में अनुप सिंह के निर्माणाधीन मकान की छत पर मंगलवार शाम करीब चार बजे निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान काम कर रहे दो मजदूर अचानक मकान के बेहद करीब से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गए। तेज करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एक मजदूर का शव छत पर पड़ा मिला, जबकि दूसरा मजदूर करंट लगने के बाद बिजली लाइन के पास दीवार से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
मृतकों की पहचान भूपेंद्र साहू (45), पिता लखनलाल साहू, तथा रवि बंजारे (40), निवासी अशोक नगर (डीएलएस कॉलेज के पास), सरकंडा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों मजदूर निर्माण कार्य के लिए मौके पर पहुंचे थे और काम के दौरान यह हादसा हुआ।
पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
हाईटेंशन लाइन के इतने करीब कैसे बना मकान?
हादसे के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि निर्माणाधीन मकान का हिस्सा हाईटेंशन बिजली लाइन के इतना करीब कैसे पहुंच गया। सिविल लाइन पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि भवन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं मकान का कोई हिस्सा नियमों का उल्लंघन कर या अतिक्रमण कर हाईटेंशन लाइन के निकट तो नहीं बना दिया गया। यदि लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की गंभीरता को एक बार फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए सख्त सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।













