बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिलासपुर की हवाई सुविधाओं के इतिहास को सामने रखते हुए कहा कि आजादी से पहले बिलासपुर में मोहनभाठा और चकरभाठा, दो एयरपोर्ट थे, जबकि रायपुर में केवल माना एयरपोर्ट था। इसके बावजूद आजादी के 80 साल बाद भी बिलासपुर बेहतर और सुविधायुक्त एयरपोर्ट के लिए संघर्ष कर रहा है।
समिति ने 15 और 16 अगस्त को भारी बारिश के बावजूद महाधरना जारी रखा। समिति के सदस्यों ने स्वतंत्रता दिवस पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश आजादी के 80वें वर्ष में पहुंच गया है, लेकिन बिलासपुर को उसके महत्व के अनुरूप हवाई सुविधाएं अब तक नहीं मिल सकी हैं।
चकरभाठा एयरपोर्ट बंद होने का बताया इतिहास
समिति के अनुसार मोहनभाठा एयरपोर्ट अब अतिक्रमण की चपेट में है। वहीं चकरभाठा स्थित बिलासपुर एयरपोर्ट 1988 से यात्री सुविधाओं के लिए संचालित था। वर्ष 1997-98 के दौरान सीपत में एनटीपीसी के पावर प्लांट की प्रस्तावित चिमनी को आधार बनाकर इस एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया।
समिति का कहना है कि प्रस्तावित चिमनी चकरभाठा एयरपोर्ट के 25 किलोमीटर के दायरे में आने वाली थी। इसी आधार पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने संचालित एयरपोर्ट को डीनोटिफाई कर दिया। समिति के मुताबिक यदि उस समय चकरभाठा एयरपोर्ट बंद नहीं किया गया होता तो वर्ष 2010 के आसपास देश में नए एयरपोर्ट विकसित करने और पुराने एयरपोर्ट के विस्तार के दौरान बिलासपुर एयरपोर्ट का भी विस्तार हो सकता था।
25 साल बाद भी संघर्ष जारी
समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन को भी 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद राज्य के प्रमुख शहरों में शामिल बिलासपुर आज भी बेहतर हवाई संपर्क और सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। समिति ने इसे विडंबना बताते हुए कहा कि बिलासपुर को उसका जायज हवाई अधिकार दिलाने के लिए जन आंदोलन लगातार जारी रखा जाएगा।
भारी बारिश के बीच आयोजित महाधरने में रवि बनर्जी, अनिल गुलहरे, परसराम कैवर्त, मनोज श्रीवास, संतोष पीपलवा, विभूतिभूषण गौतम, देवेंद्र सिंह ठाकुर, शिरीष कश्यप, समीर अहमद, बबला, महेश दुबे, टाटा, रोहित तिवारी, गोपी राव, बद्री यादव, प्रतीक तिवारी, ऋषिराज सिंह, गौतम, मजहर खान, अमर बजाज, साबर अली, मोहसिन अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित अन्य लोग शामिल हुए।
समिति ने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद आंदोलन जारी रखना इस बात का संकेत है कि बिलासपुर के लोग बेहतर हवाई सुविधाओं की मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।













