विवाह, तलाक, विरासत और भरण-पोषण समेत व्यक्तिगत कानूनों पर मंथन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया के तहत गुरुवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में सुझाव बैठक आयोजित की गई। UCC के लिए गठित समिति के समक्ष विभिन्न आयोगों, निगम-मंडलों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, समुदाय प्रमुखों, बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
समिति में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और एमके राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त अधिकारी ज्योति रानी सिंह तथा सदस्य सचिव श्याम धावड़े शामिल हैं। यह समिति संविधान के अनुच्छेद 44 में दिए गए राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों के अनुरूप राज्य के लिए समावेशी UCC का प्रारूप तैयार कर रही है।
बैठक में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, गोद लेने, संपत्ति में उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था पर चर्चा हुई। प्रस्तावित व्यवस्था में बेटियों और बेटों को संपत्ति में समान अधिकार देने तथा मौखिक तलाक जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने जैसे विषय शामिल हैं।
बैठक में आदिवासी विकास प्राधिकरण, विश्व हिंदू परिषद, मुस्लिम और ईसाई समुदाय, गुरुद्वारा समिति, OBC प्राधिकरण, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। अग्रवाल और माहेश्वरी समाज समेत सामाजिक संगठनों की भी भागीदारी रही।
समिति ने स्पष्ट किया कि UCC तैयार करते समय छत्तीसगढ़ की विशिष्ट आदिवासी और पारंपरिक प्रथाओं का संवेदनशीलता के साथ अध्ययन किया जाएगा। राज्यभर में आम नागरिकों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों और विधि विशेषज्ञों से फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और जनसंवाद के माध्यम से सुझाव लिए जा रहे हैं। समिति का उद्देश्य सभी वर्गों की भागीदारी से पारदर्शी और व्यावहारिक कानून का प्रारूप तैयार करना है।














