तीन महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांस्टेबल भर्ती से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 400 से अधिक अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। इसके साथ ही प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और ज्वाइनिंग की प्रक्रिया तीन महीने यानी 90 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। फैसले के बाद लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों में राहत और उम्मीद का माहौल है।

राज्य सरकार की SLP पर नहीं मिली राहत

कांस्टेबल भर्ती से संबंधित मामले में हाईकोर्ट के पूर्व आदेश को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सरकार की ओर से दायर SLP पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने उसे खारिज कर दिया। इससे भर्ती प्रक्रिया में नियुक्ति को लेकर बनी कानूनी अड़चन दूर हो गई है।

मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने की। अदालत के निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।

ज्वाइनिंग के लिए लंबा इंतजार

कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति अटकी हुई थी। प्रतीक्षा सूची में शामिल इन उम्मीदवारों को अदालत में मामला लंबित होने के कारण ज्वाइनिंग नहीं मिल पा रही थी।

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 400 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति की उम्मीद मजबूत हो गई है। तीन महीने की समय-सीमा तय होने से संबंधित विभाग पर निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी भी आ गई है।

अभ्यर्थियों के लिए खुला नियुक्ति का रास्ता

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा लाभ उन पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो भर्ती प्रक्रिया में चयन के बाद भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे। राज्य सरकार की SLP खारिज होने के साथ ही अब संबंधित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

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