NIA कोर्ट के फैसले पर अलग-अलग आगे बढ़ने की रणनीति, पीड़ित परिवारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी

रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में एनआईए की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने फैसले के खिलाफ उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात के लिए दिल्ली जाएगा। वहीं, सर्व आदिवासी समाज ने भी एनआईए कोर्ट के फैसले के खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट में अपील की तैयारी शुरू कर दी है।

एनआईए की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को झीरम घाटी हमले के मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाया था। अदालत के आदेश के अनुसार सजा पर अमल हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद ही हो सकेगा और दोषियों को अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।

कांग्रेस दिल्ली में उठाएगी मामला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने के साथ ही शहीद और पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी की है। पार्टी वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी राय लेकर फैसले के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर भी विचार कर रही है।

आदिवासी समाज भी हाईकोर्ट जाएगा

सर्व आदिवासी समाज ने एनआईए अदालत के फैसले के खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। समाज की बैठक में झीरम कांड की व्यापक साजिश, संदिग्ध भूमिकाओं और आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से जुड़े पहलुओं की दोबारा जांच की मांग उठाई गई। कानूनी लड़ाई के लिए आदिवासी परिवारों से सहयोग राशि जुटाने की भी योजना है।

झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। अब अदालत के फैसले के बाद मामले से जुड़े विभिन्न पक्ष आगे की न्यायिक प्रक्रिया की तैयारी में जुटे हैं।

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