पार्टी ने इस्तीफे के साथ SIR रोकने और आगामी चुनावों को स्थगित करने की मांग की; 13 करोड़ से ki अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जाने का मुद्दा उठाया
नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर चल रहे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने उन्हें 48 घंटे का समय देते हुए कहा है कि इस्तीफा नहीं देने पर दिल्ली से लेकर देशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी ने SIR के तहत बड़ी संख्या में मतदाता नाम ड्राफ्ट सूचियों से हटाए जाने और चुनाव आयोग के भीतर सामने आई आपत्तियों को अपने आरोपों का आधार बनाया। दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें देशद्रोही तक कहा। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए जाने का मुद्दा
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में अब तक 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। यह आंकड़ा ड्राफ्ट रोल से हटाए गए नामों का है, इसे अंतिम रूप से मताधिकार खो चुके 13 करोड़ मतदाताओं के बराबर नहीं माना जा सकता।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे।
चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया
चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद या संस्थागत संकट के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय, टिप्पणियां और आपत्तियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार SIR समेत प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
CJP ने इसके अलावा SIR को 2025 की मतदाता सूची की स्थिति में वापस लेने, आगामी चुनावों को फिलहाल रोकने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को निरस्त करने जैसी मांगें भी रखी हैं।














