2005 में भारत आने का दावा, 2007 से बिलासपुर में था रह रहा, होल्डिंग सेंटर भेजा गया
बिलासपुर। बिलासपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के दौरान एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा है, जिसके बांग्लादेशी नागरिक होने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था और 2007 से बिलासपुर में रह रहा था। उसके पास भारतीय पहचान से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले, जिन्हें उसने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर फर्जी तरीके से बनवाना स्वीकार किया।
STF पिछले कुछ समय से जिले के अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाने के साथ छापेमारी और जांच कर रही है। करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। इसी दौरान एक व्यक्ति वहां से भाग निकला था। उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।
सूर्या विहार कॉलोनी में सुबह 5 बजे दबिश
STF को इंस्पेक्टर संजय शिंदे के माध्यम से सूचना मिली कि फरार व्यक्ति सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। इसके बाद उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी गई। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में STF ने 24 सितंबर की सुबह कार्रवाई की।
SSP राजनेश सिंह के मार्गदर्शन और STF नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रश्मीत कौर चावला के नेतृत्व में टीम ने सुबह करीब 5 बजे सूर्या विहार कॉलोनी स्थित किराए के मकान में दबिश दी। टीम में इंस्पेक्टर संजय शिंदे, उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह तथा आरक्षक कमल साहू और अभिषेक यादव शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, यहां से संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अतीक हुसैन, पिता स्वर्गीय मोहम्मद हुसैन, उम्र 42 वर्ष बताया। उसने अपना मूल निवास बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के आराइहाजार थाना क्षेत्र के नैखोन गांव का बताया।
NTPC सीपत में 19 साल से कर रहा था काम
पूछताछ में अतीक हुसैन ने बताया कि वह वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था। वर्ष 2005 से 2007 तक वह तमिलनाडु में रहा और इसके बाद बिलासपुर आ गया। पुलिस के मुताबिक, बिलासपुर आने के बाद से वह NTPC सीपत में BECO LIFTS PRIVATE LIMITED के लिए लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था।
STF की टीम जब उसके किराए के मकान पर पहुंची तो वहां से भारतीय पहचान से जुड़े कई दस्तावेज मिले। इनमें भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची शामिल हैं।
पूछताछ में दस्तावेज फर्जी तरीके से बनवाने की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अतीक हुसैन ने इन दस्तावेजों को फर्जी तरीके से हासिल करने की बात स्वीकार की है। मामले की जांच के साथ पुलिस अब दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले लोगों और इनके इस्तेमाल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
बिलासपुर पुलिस ने उसके खिलाफ बांग्लादेश निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। प्रक्रिया पूरी होने तक उसे रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया है। पुलिस ने संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी मामले की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू की है।
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने टोल-फ्री नंबर जारी
बिलासपुर पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे लोगों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने अथवा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस के मुताबिक, जिले में अवैध घुसपैठ और वैध दस्तावेजों के बिना रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।














