इंद्रावती का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में सतर्कता; बीजापुर-सुकमा में स्कूल बंद, कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को बारिश ने जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। सबसे अधिक बारिश जगदलपुर में 246.3 मिमी दर्ज की गई। इसके बाद रायपुर और आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश हुई। राजधानी में कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जबकि दक्षिण छत्तीसगढ़ में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को सतर्कता बढ़ानी पड़ी। बस्तर संभाग में स्थिति का असर स्कूलों, सड़क, रेल और हवाई सेवाओं तक पहुंचा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई थी।
मौसम विभाग के 25 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार जगदलपुर में पिछले 24 घंटे में 246.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। रायपुर के माना में 69 मिमी, रायपुर लालपुर में 77.3 मिमी, रायपुर लैबांडी में 57.4 मिमी, राजनांदगांव में 87 मिमी और दुर्ग में 49.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बिलासपुर में 20.6 मिमी तथा पेंड्रा में 20.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
जगदलपुर में लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवागमन प्रभावित होने की खबरें हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है।
बस्तर में स्कूल बंद, परीक्षा की तारीख बदली
लगातार बारिश को देखते हुए बस्तर, बीजापुर और सुकमा जिलों में 25 सितंबर को स्कूल बंद रखे गए। बीजापुर में 25 सितंबर की निर्धारित त्रैमासिक परीक्षाओं को भी आगे बढ़ाया गया है। सुकमा में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने लोगों को उफनते जलस्रोतों को पार नहीं करने की सलाह दी है।
बीजापुर में आवापल्ली-उसूर मार्ग पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए आवागमन बाधित हुआ। लगातार बारिश के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की सूचना है। कृषि क्षेत्र में सब्जी और दलहन की फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है।
रेल सेवा पर भी असर
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बस्तर की रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। किरंदुल पैसेंजर और किरंदुल-विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस को 25 सितंबर के लिए रद्द किया गया। वहीं कुछ अन्य ट्रेनें जगदलपुर के बजाय ओडिशा के कोरापुट तक जाकर वापस लौटीं। रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन और सुरंग में पानी भरने की घटनाओं को इसके पीछे कारण बताया गया है।
खराब मौसम के कारण जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान भी रद्द होने की सूचना है। जगदलपुर-बीजापुर मार्ग और एनएच-63 के कुछ हिस्सों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ।
रायपुर में सड़कों और बस्तियों में पानी
राजधानी रायपुर में शुक्रवार सुबह से तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार माना क्षेत्र में 69 मिमी और लालपुर में 77.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई। सुंदर नगर, महादेवघाट रोड और विधानसभा क्षेत्र के आसपास जलभराव की खबरें सामने आईं।
रायपुर के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद सहित कई जिलों में भी बारिश का असर रहा। मौसम विभाग ने मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
28 जिलों में मौसम की चेतावनी
25 सितंबर को प्रदेश के 28 जिलों में मौसम संबंधी चेतावनी जारी होने की रिपोर्ट है। इनमें 17 जिलों में ऑरेंज और 11 जिलों में यलो अलर्ट की जानकारी दी गई है। अगले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है।
मौसम विभाग के अनुसार बारिश का प्रमुख कारण दक्षिण ओडिशा और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डीप डिप्रेशन है। इसके प्रभाव से 25 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी।
26 सितंबर को भी बारिश का दौर
जगदलपुर के लिए मौसम विभाग ने 26 सितंबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। रायपुर में भी बादल छाए रहने तथा बारिश या गरज-चमक के साथ वर्षा का पूर्वानुमान है।
प्रशासन ने नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने तथा जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। खासकर बस्तर संभाग में नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।














