बिलासपुर। बिलासपुर में दशहरा आयोजन को लेकर नगर निगम के 20 लाख रुपये के टेंडर पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि नगर निगम शहर के पारंपरिक आयोजनों में हस्तक्षेप कर रहा है और रावण दहन के नाम पर अनावश्यक खर्च किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व महापौर रामशरण यादव और पूर्व शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडेय सहित कांग्रेस नेता मौजूद थे।

मेयर के बयान को लेकर भी सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम ने समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञान महाविद्यालय मैदान में दशहरा उत्सव आयोजित करने के लिए टेंडर जारी किया है। उनका सवाल है कि इस आयोजन का प्रस्ताव क्या महापौर-इन-काउंसिल (MIC) से पारित हुआ है?

कांग्रेस के मुताबिक महापौर पूजा विधानी ने इस आयोजन की जानकारी होने से इनकार किया है और कहा है कि नगर निगम के लिए एक ही आयोजन करना उचित है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि प्रस्ताव MIC से पारित हुआ है तो महापौर को इसकी जानकारी क्यों नहीं है और यदि प्रस्ताव पारित नहीं हुआ तो टेंडर किस आधार पर जारी किया गया?

एक ही शहर में दो स्थानों पर आयोजन क्यों?

कांग्रेस ने कहा कि विज्ञान महाविद्यालय मैदान में स्थानीय स्तर पर पहले से एक समिति आयोजन करती रही है। ऐसे में नगर निगम वहां अलग से आयोजन क्यों करना चाहता है?

पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जब शहर में एक ही नगर निगम है तो पुलिस ग्राउंड के अलावा विज्ञान महाविद्यालय मैदान में अलग आयोजन की जरूरत क्यों पड़ी। क्या आने वाले वर्षों में नगर निगम शहर के सभी रावण दहन आयोजनों को अपने स्तर पर आयोजित करेगा?

₹20 लाख के टेंडर पर भ्रष्टाचार का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि विज्ञान महाविद्यालय मैदान के रावण दहन आयोजन पर नगर निगम ने 20 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है, जबकि वास्तविक खर्च करीब 4 लाख रुपये के आसपास है। पार्टी ने इस अंतर पर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार की आशंका से जोड़ा।

कांग्रेस ने रावण के पुतले के लिए प्रस्तावित 6 लाख रुपये की राशि पर भी सवाल उठाया। नेताओं का कहना था कि उनका आकलन है कि करीब 50 हजार रुपये में पुतला तैयार हो सकता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि क्या नगर निगम सोने का रावण जलाने की तैयारी कर रहा है।

सार्वजनिक आयोजनों में निगम के हस्तक्षेप पर सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से अपने खर्च पर आयोजन करते रहे हैं। ऐसे में नगर निगम को सरकारी राशि खर्च करने के बजाय इन पैसों को जनहित के दूसरे कामों में लगाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि नगर निगम के पास अतिरिक्त राशि है तो उसका उपयोग शहर की नागरिक सुविधाओं और जनकल्याण के कार्यों में किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने खर्च उठाने की पेशकश की

जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि वह विज्ञान महाविद्यालय मैदान में होने वाले रावण दहन का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार है और नगर निगम अपनी राशि जनहित के कामों में खर्च करे।

कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि यदि नगर निगम को आयोजन करना ही है तो उसे सभी विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से किया जाना चाहिए। साथ ही पूछा गया कि क्या पुलिस ग्राउंड में होने वाले रावण दहन के लिए भी 20 लाख रुपये का टेंडर जारी किया जाएगा।

MIC के पुराने प्रस्ताव का भी जिक्र

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पहले MIC में एक प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसमें बिलासपुर शहर के विधायक द्वारा रावण के पुतले का दहन किए जाने की बात थी। पार्टी ने सवाल किया कि क्या विज्ञान महाविद्यालय मैदान के आयोजन में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

कांग्रेस ने नगर निगम से टेंडर, आयोजन की स्वीकृति, खर्च और दोनों स्थानों पर कार्यक्रम कराने के औचित्य को सार्वजनिक करने की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here