विभिन्न माइनिंग पैच का निरीक्षण, ठेका एजेंसियों के साथ उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना पर चर्चा

बिलासपुर। कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने SECL की कुसमुंडा मेगा परियोजना का निरीक्षण कर कोयला उत्पादन, ओवरबर्डन रिमूवल (OBR) और खनन गतिविधियों की समीक्षा की। अपने दौरे के दूसरे दिन रविवार, 11 अक्टूबर को उन्होंने खदान के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे कामकाज का जायजा लिया। अधिकारियों और ठेका एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में संशोधित उत्पादन लक्ष्य हासिल करने और कामकाज में आ रही बाधाओं को दूर करने पर चर्चा की गई।

खदान के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर देखा कामकाज

चेयरमैन ने सबसे पहले कुसमुंडा खदान के व्यू प्वाइंट से खनन गतिविधियों का जायजा लिया। इसके बाद विभागीय माइनिंग पैच और नए KNR कॉन्ट्रैक्ट पैच का निरीक्षण किया। उन्होंने नीलकंठ फेज सहित खनन क्षेत्रों में कोयले की उपलब्ध परत, खुली चट्टानों और चल रहे खनन कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उत्पादन लक्ष्य पूरा करने पर खास जोर दिया गया। चेयरमैन ने मौजूदा अड़चनों और परिचालन संबंधी चुनौतियों की समीक्षा करते हुए उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी कदमों पर अधिकारियों से चर्चा की।

ठेका एजेंसियों के साथ समन्वय पर जोर

मैदानी निरीक्षण के बाद कुसमुंडा क्षेत्र के अधिकारियों, ठेका एजेंसियों और दूसरे संबंधित पक्षों के साथ बैठक हुई। इसमें उत्पादन लक्ष्य हासिल करने, खनन कार्यों में बेहतर तालमेल बनाने और कामकाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।

SECL के CMD हरीश दुहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। कंपनी के डायरेक्टर टेक्निकल/ऑपरेशंस रमेश चंद्र महापात्र और डायरेक्टर टेक्निकल/प्लानिंग एंड प्रोजेक्ट्स नृपेंद्र नाथ सहित क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों का सम्मान

दौरे के दौरान बी. साईराम ने उत्कृष्ट काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया और उनसे सीधे बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया।

कुसमुंडा SECL की प्रमुख मेगा परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए खदान में कामकाज की रफ्तार, ठेका एजेंसियों के साथ तालमेल और परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करना अहम होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here