4C एयरपोर्ट, रनवे विस्तार और महानगरों के लिए नियमित फ्लाइट की मांग; अधिवक्ता, व्यापारी, उद्योगपति और सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन

बिलासपुर। बिलासपुर में हवाई सुविधा के विस्तार की मांग को लेकर सात साल से चल रहे आंदोलन के तहत हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराएगी। समिति के आह्वान पर शहर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उल्टा मार्च निकालेंगे। राघवेंद्र राव सभा भवन स्थित धरना स्थल से 26 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शुरू होने वाला यह मार्च पीछे की ओर चलते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगा। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

अधिवक्ता से लेकर व्यापारियों तक का समर्थन

आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए समिति ने विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और दूसरे संगठनों से भागीदारी की अपील की थी। इसके बाद जिला अधिवक्ता संघ, व्यापारी संघ, मॉल धक्का व्यापारी संघ, जिला उद्योग संघ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), होटल एसोसिएशन, क्रिकेट एसोसिएशन, हॉकी एसोसिएशन और रेलवे मेंस कांग्रेस ने समर्थन दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है।

समिति का कहना है कि बिलासपुर को बेहतर हवाई सुविधा दिलाने की मांग अब केवल एक संगठन की नहीं, बल्कि पूरे शहर और आसपास के क्षेत्र की जरूरत बन चुकी है।

छोटा एयरपोर्ट बना, लेकिन बड़े विमानों का इंतजार

सात साल पहले शुरू हुए जन आंदोलन के बाद बिलासपुर में 1 मार्च 2021 से हवाई सेवा शुरू हुई थी। लेकिन एयरपोर्ट का रनवे महज 1,500 मीटर लंबा होने के कारण यहां फिलहाल छोटे विमान ही उतर सकते हैं। बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमानों के संचालन की सुविधा नहीं होने से एयरलाइंस की संभावनाएं सीमित हैं।

समिति की प्रमुख मांग रनवे को पहले कम से कम 2,200 मीटर और बाद में 2,800 मीटर तक बढ़ाने की है। इसके लिए जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। जमीन उपलब्ध होने के बाद भी काम आगे नहीं बढ़ना सरकारी तैयारी और इच्छाशक्ति पर सवाल खड़े करता है।

मोबाइल ATC के भरोसे एयरपोर्ट

बिलासपुर एयरपोर्ट पर स्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और नए टर्मिनल भवन की जरूरत भी लंबे समय से महसूस की जा रही है। समिति का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं के बिना एयरपोर्ट का विस्तार अधूरा रहेगा।

इसके साथ ही देश की चारों दिशाओं में स्थित प्रमुख महानगरों में से कम से कम एक शहर के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की मांग है। फिलहाल दिल्ली के लिए सप्ताह में चार और कोलकाता के लिए दो उड़ानें उपलब्ध हैं। समिति के मुताबिक, इन सेवाओं का संचालन भी नियमित नहीं है। ऐसे में यात्रियों को समय और सुविधा दोनों के स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सात साल बाद भी सवाल वही

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का आंदोलन इस सवाल को फिर सामने ला रहा है कि जब बिलासपुर जैसे प्रमुख शहर में हवाई सेवा की जरूरत लंबे समय से उठाई जा रही है, तो रनवे विस्तार और जरूरी बुनियादी ढांचे के काम अब तक अधूरे क्यों हैं? केवल सीमित उड़ानें शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है। शहर को ऐसी सुविधा चाहिए, जिससे यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगों और गंभीर चिकित्सा जरूरतों वाले लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में आसानी हो।

समिति ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और सभी सार्वजनिक संगठनों से उल्टा मार्च में शामिल होने की अपील की है। आंदोलन के तहत महाधरना भी जारी रहा।

महाधरने में शामिल हुए लोग

धरने में मनोज श्रीवास, रवि बनर्जी, विभूतिभूषण गौतम, बद्री यादव, प्रतीक तिवारी, शिरीष कश्यप, समीर अहमद ‘बबला’, मजहर खान, गोपी राव, प्रकाश बहेरानी, आशुतोष शर्मा, महेश दुबे, देवेंद्र सिंह ठाकुर, ऋषि राज सिंह गौतम, राशिद बख्श, केशव गोरख, मोहन जायसवाल, विजय वर्मा, मोहसिन अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित अन्य लोग शामिल हुए।

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