बिलासपुर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को एक मंत्री के तत्कालीन OSD का करीबी बताकर पीड़ित से मोटी रकम ऐंठ ली। स्थानीय थाने में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने अदालत का सहारा लिया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।
पहचान और भरोसा, फिर रकम की मांग
शिकायत के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले में पोल्ट्री फार्म संचालित करने वाले अंबिका प्रसाद भारद्वाज की मुलाकात 1 जुलाई 2023 को छैदोलीया गांव निवासी राजा भैया लहरे से हुई। आरोपी ने खुद को तत्कालीन मंत्री अमरजीत भगत के कथित OSD सुरेश लहरे का बेहद करीबी बताया और ऊंचे संपर्क होने का दावा किया।
परिवार के लिए नौकरी का वादा
आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह अंबिका के बेटे राहुल को रायपुर फैमिली कोर्ट और भतीजे हरिश को मुंगेली फैमिली कोर्ट में सरकारी नौकरी दिला देगा। विश्वास दिलाने के लिए वह पीड़ित को रायपुर स्थित सरगुजा कुटीर ले गया, जहां कथित OSD सुरेश लहरे से मिलवाया गया। वहां काम जल्द होने का आश्वासन दिया गया।
किस्तों में 25 लाख, घर बेचकर जुटाई रकम
इसके बाद अलग-अलग किश्तों में कुल 25 लाख रुपये वसूले गए। पीड़ित ने यह रकम घर बेचकर जुटाई थी। बाद में आरोपी ने एक कथित मेरिट सूची दिखाई, जिसमें पीड़ित के बेटे का नाम पांचवें नंबर पर बताया गया।
फर्जी प्रक्रिया का खुलासा
8 सितंबर 2023 को राहुल को साक्षात्कार के लिए रायपुर बुलाया गया, लेकिन बहाने बनाकर लौटा दिया गया। संदेह होने पर जब पीड़ित ने कोर्ट से जानकारी ली, तो पता चला कि वहां किसी तरह की भर्ती प्रक्रिया चल ही नहीं रही थी।
पैसे मांगे तो दी धमकी
ठगी का एहसास होने पर जब रकम लौटाने की मांग की गई, तो आरोपी राजा भैया लहरे और सुरेश लहरे ने मंत्री से संबंधों का हवाला देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
अदालत के आदेश पर FIR
शिकायत पर हिर्री थाना में कार्रवाई नहीं होने के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बिल्हा के आदेश पर पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।














