नवा रायपुर में बनेगा आधुनिक हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट सेंटर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोयलांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने और युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। South Eastern Coalfields Limited (SECL) ने Sri Sathya Sai Health & Education Trust के साथ नवा रायपुर में हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू 7 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ।
CSR के तहत 35 करोड़ से अधिक की परियोजना
यह अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान SECL की कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा, जिस पर कुल 35.04 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्र में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को पूरी तरह निःशुल्क और रोजगार से जुड़ा हेल्थकेयर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नर्सिंग व मेडिकल तकनीकी प्रशिक्षण पर फोकस
संस्थान में नर्सिंग असिस्टेंट, मेडिकल टेक्नीशियन सहित अन्य सहायक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण और कोयला प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
कोयलांचल जिलों के युवाओं को प्राथमिकता
प्रस्तावित परिसर में शैक्षणिक भवन, छात्रावास, स्टाफ आवास और अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। SECL के परिचालन वाले जिलों के अभ्यर्थियों को प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। अगले 25 वर्षों तक हर वर्ष कम से कम 20 प्रतिशत सीटें इन जिलों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेंगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाया भी जा सकता है।
पहले से जारी है स्वास्थ्य सहयोग
एमओयू पर हस्ताक्षर SECL के मानव संसाधन निदेशक बिरंची दास की उपस्थिति में किए गए। समझौते पर SECL की ओर से सी.एम. वर्मा (महाप्रबंधक, CSR) और ट्रस्ट की ओर से विवेक नारायण गौर (ट्रस्टी) ने हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि SECL और श्री सत्य साईं ट्रस्ट पहले से ही “SECL की धड़कन” पहल के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए मुफ्त सर्जरी कार्यक्रम चला रहे हैं, जिसके अंतर्गत अब तक 180 से अधिक जीवनरक्षक ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
CSR में SECL का बड़ा योगदान
SECL द्वारा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में अब तक 850 करोड़ रुपये से अधिक की राशि CSR के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कल्याण पर खर्च की जा चुकी है। नवा रायपुर में यह नया प्रशिक्षण केंद्र राज्य में समावेशी विकास और सतत सामाजिक प्रगति की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।














