बिलासपुर, 2 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा 1 फरवरी को प्रस्तुत बजट में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए किसी भी प्रकार का प्रावधान या योजना शामिल न किए जाने पर हवाई सेवा जन संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समिति ने इसे क्षेत्रीय विकास और हवाई संपर्क के प्रति उदासीनता करार दिया है।
दिल्ली आंदोलन के बाद भी नहीं मिली राहत
समिति ने बताया कि दिसंबर में दिल्ली में हुए आंदोलन के बाद स्थानीय मंत्री तोखन साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात की थी। उस दौरान बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में उन्नत करने के लिए कम से कम ₹300 करोड़ की केंद्रीय सहायता का आग्रह किया गया था। समिति का कहना है कि मंत्री ने तब सकारात्मक रुख दिखाया और बिलासपुर के लिए पहल का आश्वासन भी दिया, जिससे बजट में कुछ न कुछ प्रावधान होने की उम्मीद जगी थी—लेकिन बजट में एयरपोर्ट के लिए कोई घोषणा नहीं हुई।
अब राज्य सरकार से बजटीय प्रावधान की मांग
समिति ने कहा कि चूंकि एयरपोर्ट राज्य सरकार के स्वामित्व में है, इसलिए आगामी राज्य बजट में कम से कम ₹200 करोड़ का प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि 4C श्रेणी विस्तार का कार्य गति पकड़ सके। उल्लेखनीय है कि बिलासपुर के विलास देवी केवट एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में उन्नत करने के लिए कुल लगभग ₹500 करोड़ की आवश्यकता है।
किन-किन कार्यों के लिए चाहिए राशि
4C श्रेणी विस्तार में रनवे का विस्तार, नया टर्मिनल भवन, नया एटीसी टॉवर और सहायक अवसंरचनाओं का निर्माण शामिल है। समिति का कहना है कि यदि इस वर्ष राज्य बजट में ₹200 करोड़ भी स्वीकृत हो जाते हैं, तो परियोजना का बड़ा हिस्सा तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।














