फर्जी डिग्री, बदला नाम, और हार्ट सर्जरी मामलों की गहराई से जांच जारी
बिलासपुर। अपोलो अस्पताल में खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर मरीजों का इलाज और हार्ट ऑपरेशन करने वाले फर्जी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सरकंडा थाने पहुंचकर आरोपी से डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए।
बदले नाम और फर्जी डिग्री से बना ‘कार्डियोलॉजिस्ट’
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपी नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर का निवासी है। उसने न केवल अपना नाम बदला, बल्कि अपने पिता का नाम भी बदलकर खुद को नरेन्द्र जॉन केम के नाम से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही फर्जी एमआरसीटी (MRCT) डिग्री तैयार कर वह अपोलो अस्पताल, दमोह और विदेशों में खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर नौकरी करता रहा और हार्ट के ऑपरेशन भी किए।
दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच के निर्देश
एसएसपी ने जांच टीम को मामले की नई सिरे से जांच करने और आरोपी से जुड़े सभी दस्तावेजों को जब्त कर उनकी गहनता से जांच करने का आदेश दिया है।
अस्पताल अब तक पेश नहीं कर सका डिग्री
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक अपोलो अस्पताल की ओर से आरोपी डॉक्टर की डिग्री पुलिस को प्रस्तुत नहीं की गई है। वहीं, पुलिस की टीम लगातार आरोपी से पूछताछ कर रही है और दस्तावेज खंगाल रही है।













