रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा बुधवार को घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में कांकेर जिले ने इतिहास रच दिया। पहली बार ऐसा हुआ है जब राज्य की दोनों प्रमुख परीक्षाओं के टॉपर इस जिले से निकले हैं।
12वीं बोर्ड में ग्राम कोदागांव के छात्र अखिल सेन ने 98.20 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि 10वीं बोर्ड में ग्राम गोंडाहूर की छात्रा इशिका बाला और नमन कुमार ने संयुक्त रूप से टॉप किया है।
अखबार बांटने वाले अखिल सेन बने प्रदेश टॉपर
अखिल सेन ने न केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन की चुनौतियों से लड़ने में भी मिसाल पेश की है। रोज सुबह अखबार बांटने वाले अखिल ने कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने बताया कि 10वीं में वे प्रदेश में 8वें स्थान पर रहे थे और तभी से उन्होंने 12वीं में टॉप करने का लक्ष्य बना लिया था।
कॉमर्स विषय चुनकर उन्होंने 11वीं से ही रणनीतिक पढ़ाई शुरू की और 7-8 घंटे रोज मेहनत की। अखिल कहते हैं कि उनका सपना चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है और वे आगे फाइनेंस सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं।
अखिल के पिता गांव में किराना दुकान चलाते हैं और घर की आर्थिक स्थिति बहुत सामान्य है। अखिल पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की मदद के लिए अखबार भी बांटते रहे, यहाँ तक कि परीक्षा के दौरान भी उन्होंने यह जिम्मेदारी नहीं छोड़ी।
परिणाम के दिन, जैसे ही टीवी पर उनका नाम आया, पूरा परिवार खुशी से उछल पड़ा। अखिल की मां सेवती सेन ने भावुक होकर कहा, “बेटा बचपन से ही अव्वल आता रहा है। उसकी मेहनत ने आज हमें गर्व से भर दिया है।”
कैंसर से जूझती इशिका बनी 10वीं की टॉपर
दूसरी तरफ 10वीं बोर्ड की टॉपर इशिका बाला की कहानी प्रेरणा देने वाली है। 99.17 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने वाली इशिका पिछले दो वर्षों से ब्लड कैंसर से जूझ रही हैं।
कांकेर के परलकोट क्षेत्र की रहने वाली इशिका, कोयलीबेड़ा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोंडाहूर की छात्रा हैं। बीते साल बीमारी के कारण वे परीक्षा नहीं दे सकीं, लेकिन इस बार उन्होंने दोहरी चुनौती – बीमारी और बोर्ड परीक्षा – दोनों को पार करते हुए यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
पिता शंकर बाला किसान हैं और मां इति बाला गृहिणी। परिवार ने इशिका को हिम्मत दी और शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। इशिका की इस जीत ने साबित किया कि मजबूत इरादे और सच्ची मेहनत से किसी भी संघर्ष को पार किया जा सकता है।
विद्यालय प्राचार्य अरुण कुमार कीर्तनीय ने कहा, “इशिका ने दिखा दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत और मेहनत से हर लक्ष्य पाया जा सकता है। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
कांकेर की सफलता बना प्रेरणा-स्रोत
इस वर्ष कांकेर जिले ने छत्तीसगढ़ की शिक्षा में एक नई मिसाल पेश की है। जहां अखिल सेन ने परिश्रम और संयम से सफलता पाई, वहीं इशिका बाला ने अपने जज्बे से लाखों छात्रों को प्रेरित किया है। दोनों की यह उपलब्धि न सिर्फ जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।













