रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के ख़िलाफ एक ठगीपूर्ण साजिश का खुलासा हुआ है। आरोप है कि 80–90 पर​ताएं, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति भवन और अन्य उच्च संस्थानों को भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों​ के साथ भेजी गई थीं ।

📝 क्या हुआ?

शिकायतें महाराष्ट्र के हिंदू जनजागृति समिति के नेता सुनील घनवट के नाम पर बनाई गई फर्जी लेटरहेड का उपयोग करके भेजी गईं, जिनमें नेताम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था ।

भाजपा नेता राहुल हरितवाल ने जानकारी मिलने पर रायपुर में थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद सुनील घनवट ने भी लिखा, कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं भेजी है, और यह पूरी तरह से स्यासित षड्यंत्र है ।

📬 किसने और कहां से भेजा?

प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये झूठी शिकायतें कोरबा के हसदेव उप‑डाकघर से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी गई थीं ।

मोहन मिरी और कमल वर्मा नाम के दो संदिग्धों की पहचान हुई, जो कथित तौर पर CG Employee Federation, रायपुर से जुड़े बताए जा रहे हैं; दोनों को बाइक से आकर शिकायतें पोस्ट करते देखा गया था ।

🚨 FIR और पुलिस कार्रवाई

रायपुर की राखी थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

आरोपियों पर BNS की धाराएं 318, 319 और 336 के तहत धोकाधड़ी, जालसाजी और झूठे दस्तावेज बनाने का केस चलाया जा रहा है ।

⚖️ किस उद्देश्य से हुई साजिश?

इस पूरे प्रयास का उद्देश्य माना जा रहा है मंत्री की छवि खराब करना और भाजपा या RSS को बदनाम करना ।

सुनील धनवट ने स्पष्ट किया कि वे किसी अध्यक्ष पद पर नहीं थे और न ही उनकी कोई शिकायत रहित संबंधी कार्रवाई हुई है।

📌 इन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानिए- 

शिकायतों की संख्या लगभग 80–90 शिकायतें
इस्तेमाल मीडिया फर्जी लेटरहेड (सुनील घनवट का नाम)
भेजने का स्थान कोरबा, हसदेव उप‑डाकघर
संदिग्ध आरोपी मोहन मिरी, कमल वर्मा सहित कुल 3 लोग
FIR धाराएँ BNS 318 (धोखाधड़ी), 319 (जालसाज़ी), 336 (झूठा दस्तावेज)
उद्देश्य संदेह मंत्री को बदनाम करने और RSS/BJP को निशाना बनाने की साजिश

🔍 आगे क्या हो सकता है?

  1. जांच का दायरा बढ़ेगा

पुलिस अब इस बात की पड़ताल करेगी कि:

  • यह फर्जी शिकायतें किसके इशारे पर और किस उद्देश्य से भेजी गईं?
  • क्या यह कोई राजनीतिक साजिश थी या कोई निजी दुश्मनी?
  • बैंक लेन-देन, फोन कॉल, CCTV फुटेज और डाकघर की रिकॉर्डिंग से सबूत जुटाए जाएंगे।
  1. और गिरफ्तारियां हो सकती हैं

अभी तीन संदिग्ध पकड़े गए हैं, लेकिन यदि उनके पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड या संगठित गिरोह है, तो आने वाले दिनों में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

  1. साइबर फोरेंसिक टीम की मदद ली जा सकती है

यदि इस साजिश में ईमेल, प्रिंटेड लेटरहेड, या सोशल मीडिया का इस्तेमाल हुआ है, तो साइबर विशेषज्ञों की मदद से उसकी डिजिटल पड़ताल की जाएगी।

🗣️ प्रतिक्रिया:

🔹 कृषि मंत्री रामविचार नेताम

उन्होंने इसे अपनी छवि खराब करने की एक साजिश बताया है। उनका कहना है:

ये पूरी तरह से सुनियोजित साजिश है, जिससे मेरी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया जाए। सच्चाई जल्द सामने आएगी।”

🔹 हिंदू जनजागृति समिति (महाराष्ट्र)

जिसके नाम से शिकायतें भेजी गईं, उसके प्रतिनिधि सुनील घनवट ने कहा:

हमने न तो कभी शिकायत भेजी, न कोई लेटर जारी किया। यह नाम और पद का गलत इस्तेमाल है। यह बीजेपी और संघ को बदनाम करने की साजिश है।”

🔹 पुलिस का बयान 

रायपुर पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े से जुड़ा है, और हर स्तर पर जांच जारी है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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