गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही वन मंडल अंतर्गत उसलाड गांव के नयाटोला क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दुर्लभ वन्य जीव हनी बैजर (रैटल) दिखाई देने से इलाके में कौतूहल के साथ हल्की दहशत का माहौल बन गया। असामान्य बनावट और आक्रामक स्वभाव के कारण यह जानवर गांव में चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीणों की सतर्कता, वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही हनी बैजर गांव के पास नजर आया, ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए हनी बैजर को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान नहीं हुआ।
वीडियो वायरल, जोड़े में दिखना माना जा रहा शुभ संकेत
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार हनी बैजर जोड़े में देखे गए हैं, जिसे वन्यजीव विशेषज्ञ सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। इससे पहले भी इस क्षेत्र में हनी बैजर की मौजूदगी की खबरें मिलती रही हैं, लेकिन जोड़े में दिखना दुर्लभ माना जाता है।
वन विभाग अलर्ट, गश्त बढ़ाई गई
वीडियो के सामने आने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है, ताकि इन दुर्लभ जीवों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
मालूम हो कि हनी बैजर एक दुर्लभ प्रजाति है, जो सामान्यतः घने जंगलों में पाई जाती है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि भविष्य में यदि ऐसा कोई वन्य जीव दिखाई दे, तो स्वयं हस्तक्षेप न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि स्थिति को सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सके।
प्राकृतिक आवास के लिए उपयुक्त मरवाही क्षेत्र
मरवाही अंचल घने जंगलों से घिरा हुआ है, जो भालू और हनी बैजर जैसे दुर्लभ जीवों के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास माना जाता है। हनी बैजर को स्थानीय स्तर पर ‘ग्रेव बैजर’ भी कहा जाता है। कई बार इसे नेवले या छोटे भालू समझ लिया जाता है, जबकि यह अपनी अलग पहचान और निडर स्वभाव के लिए जाना जाता है।














