रायपुर। धमतरी जिले में 11 अगस्त 2025 की रात अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम भोयना स्थित न्यू अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस जघन्य हत्याकांड में रायपुर के तीन युवकों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। धमतरी पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को हथकड़ी लगाकर शहर में जुलूस निकाला, दूसरी ओर पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं।

रायपुर के युवक पहुंचे थे रूद्री घूमने के लिए

11 अगस्त 2025 की रात करीब 11:20 बजे, अर्जुनी थाना पुलिस को सूचना मिली कि न्यू अन्नपूर्णा ढाबा के पास धारदार हथियार से हमला कर तीन युवकों की हत्या कर दी गई है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और प्रार्थी राहुल कुमार साहू (34 वर्ष, निवासी ग्राम सोरम, थाना रूद्री) की शिकायत पर मामला दर्ज किया। जांच में पता चला कि रायपुर से आए पांच दोस्त अपने एक मित्र से मिलने धमतरी आए थे और ढाबे पर रुके थे। वहां पहले से मौजूद नशे में धुत 6-8 लोगों के समूह के साथ उनका विवाद हो गया, जो हिंसक हमले में बदल गया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, विवाद की शुरुआत मामूली बात से हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और ढाबा कर्मचारी राजा नामदेव के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने ढाबे पर खाना खाने के बाद बिल को लेकर हंगामा किया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। एक आरोपी ने रायपुर के युवकों से बीड़ी मांगी, जिसे लेकर बहस शुरू हुई। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने चाकू निकालकर तीनों युवकों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की बेरहमी साफ दिखाई देती है, जिसमें एक युवक को 100 मीटर तक पीछा कर मार डाला गया। पुलिस का मानना है कि पुरानी रंजिश का कोई सबूत नहीं मिला है, और यह घटना नशे में किए गए आवेशपूर्ण विवाद का नतीजा थी।

इन युवकों की हत्या हुई-

  1. नितिन तांडी (32 वर्ष, निवासी संतोषी नगर, रायपुर)
  2. सुरेश तांडी (34 वर्ष, निवासी संतोषी नगर, रायपुर)
  3. आलोक सिंह ठाकुर (28 वर्ष, निवासी सेजबहार, रायपुर)

ये तीनों आपस में करीबी दोस्त थे और एक ही कार में धमतरी घूमने आए थे। हमले में दो अन्य साथी, जिनमें राहुल कुमार साहू शामिल हैं, भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

इन लोगों को किया गया गिरफ्तार-

  1. गोपी दीवान (20 वर्ष, मथुराडीह, मुख्य आरोपी)
  2. कुलेश्वर नेताम (25 वर्ष, ग्राम कोर्रा)
  3. रणवीर साहू (20 वर्ष, ग्राम ईर्रा)
  4. कमलेश ध्रुव (19 वर्ष, आमापारा)
  5. गौतम दीवान (22 वर्ष, मथुराडीह)
  6. तीन नाबालिग (नाम उजागर नहीं किए गए, किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किए जाएंगे)

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने चाकू से हमला किया, जबकि अन्य ने पीड़ितों को पकड़कर हमले में सहायता की। हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है। सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 190, और 191(1)(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आधा सिर मुंडवाकर निकाला जुलूस

12 अगस्त 2025 की शाम, धमतरी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को हथकड़ी लगाकर शहर के मुख्य मार्गों पर जुलूस निकाला। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों का आधा सिर मुंडवाया और उन्हें नारे लगवाए, जैसे “नशा करना पाप है, चाकू रखना अपराध है, पुलिस हमारा बाप है।” कुछ आरोपियों ने पुलिस हिरासत में भी कैमरे के सामने विक्ट्री साइन दिखाया, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।

सेल्फी बनी बेरहमी का सबूत

हत्याकांड के बाद एक और सनसनीखेज तथ्य सामने आया। आरोपियों ने खून से सने कपड़ों में विक्ट्री साइन दिखाते हुए सेल्फी ली थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पुलिस ने इन तस्वीरों को अहम सबूत के रूप में इस्तेमाल कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। इस सेल्फी ने न केवल पुलिस जांच में मदद की, बल्कि अपराध की बेरहमी को भी उजागर किया।

सभी आरोपी गिरफ्तार किए गए- एसपी

धमतरी के पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “यह एक गंभीर अपराध था, और हमारी टीम ने तत्काल कार्रवाई कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा, और अन्य को कोर्ट में चालान पेश किया गया है।”

कानून व्यवस्था पर कांग्रेस ने घेरा

इस घटना ने छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, “छत्तीसगढ़ में सुशासन नहीं, जंगल राज चल रहा है।” वहीं, स्थानीय लोगों ने नशे और हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर असली अपराधियों को छोड़ने का आरोप लगाया है, उनका दावा है कि वारदात में 30 से अधिक लोग शामिल थे।

मृतकों के परिवार का दर्द

मृतकों के शव जब रायपुर में उनके घर पहुंचे, तो परिजनों में कोहराम मच गया। एक बहन ने रोते हुए कहा, “मेरे भाई को बेगुनाह मार दिया गया, और पुलिस सोती रही।” तीन दिन पहले ही एक मृतक को उसकी बहन ने राखी बांधी थी, जिसने इस त्रासदी को और मार्मिक बना दिया।

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