बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल को केंद्र सरकार ने स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया है। यह घोषणा केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने 8 अगस्त को एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से की।
इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और कलकत्ता हाईकोर्ट के आठ अन्य अतिरिक्त न्यायाधीशों को भी उनके संबंधित हाईकोर्ट में स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। इनमें शामिल हैं:
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
- जस्टिस हरिनाथ नुनेपल्ली
- जस्टिस किरणमयी मंडावा
- जस्टिस सुमति जगदम
- जस्टिस न्यापति विजय
कर्नाटक हाईकोर्ट
- जस्टिस गुरुसिद्दैया बसवराजा
कलकत्ता हाईकोर्ट
- जस्टिस पार्थ सारथी सेन
- जस्टिस अपूर्ब सिन्हा राय
इसके अतिरिक्त, कलकत्ता हाईकोर्ट के सात अन्य अतिरिक्त न्यायाधीशों – जस्टिस विश्वरूप चौधरी, जस्टिस प्रसेनजीत बिस्वास, जस्टिस उदय कुमार, जस्टिस अजय कुमार गुप्ता, जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य, जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी – को एक वर्ष के लिए नए सिरे से नियुक्त किया गया है।
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 28 जुलाई को की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
जस्टिस अग्रवाल 2023 में हुए थे नियुक्त
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल का जन्म 31 जुलाई, 1968 को छत्तीसगढ़ के भाटापारा में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय डॉ. जी.पी. अग्रवाल एक सेवानिवृत्त सर्जिकल विशेषज्ञ थे, और उनकी माता चंद्रमुखी अग्रवाल हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा रायपुर और बिलासपुर में पूरी की। इसके बाद, उन्होंने राजनांदगांव के शासकीय दिग्विजय कॉलेज से बी.एससी. की डिग्री प्राप्त की और 1991 में राजनांदगांव के लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल की।
14 सितंबर, 1992 को एक अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होने के बाद, जस्टिस अग्रवाल ने स्वर्गीय पंडित रमाकांत मिश्रा के मार्गदर्शन में बिलासपुर जिला न्यायालय और अन्य अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत शुरू की। वर्ष 2000 से उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की, जहां उन्होंने सिविल, आपराधिक और रिट मामलों सहित कानून की विभिन्न शाखाओं में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया।
वर्ष 2017 में, जस्टिस अग्रवाल को सरकारी अधिवक्ता नियुक्त किया गया, और उन्होंने दिसंबर 2018 तक इस भूमिका को बखूबी निभाया। इस दौरान, वे ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ जैसे कई निजी संस्थानों के लिए वकील रहे। इसके अतिरिक्त, वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अधिवक्ता पैनल का हिस्सा भी थे।
20 अक्टूबर, 2023 को जस्टिस अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया, और अब 8 अगस्त, 2025 को केंद्र सरकार ने उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया।













