बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां दो मासूम बच्चों ने अपनी ही मां और बुआ पर पिता की अस्थियां चोरी करने का आरोप लगाया है। भारतीय नगर के रहने वाले इन बच्चों का कहना है कि उनकी मां केवल संपत्ति हड़पने के इरादे से वापस आई है और उसने अंतिम संस्कार की पवित्र मान्यताओं का अपमान किया है।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय नगर निवासी आलोक ठाकरे का बीते 15 जनवरी को निधन हो गया था। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, उनके 12 वर्षीय बेटे प्रथमेश ने मुक्तिधाम में पिता को मुखाग्नि दी थी। बच्चों का आरोप है कि 17 जनवरी को जब वे अस्थि संचय के लिए जाने वाले थे, उससे पहले ही उनकी मां खुशबू ठाकुर और बुआ ज्योति पाण्डेय मुक्तिधाम पहुंचीं और चिता से अस्थियां बटोरकर झोले में भरकर ले गईं।
CCTV में कैद हुई वारदात़
सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, महिलाएं श्मशान घाट से अस्थियां ले जाते हुए वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ नजर आ रही हैं। जब 12 वर्षीय बेटे और 5 वर्षीय बेटी ने अपने पिता की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के लिए मांगी, तो उनकी मां ने उन्हें अस्थियां देने से साफ इनकार कर दिया।
संपत्ति का लालच और बच्चों को छोड़ने का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में बच्चों ने बताया कि उनकी मां पिछले 2 साल से उन्हें पिता के पास अकेला छोड़कर कहीं चली गई थी। पिता ही अकेले उनका पालन-पोषण कर रहे थे। बच्चों का आरोप है कि अब पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां केवल घर और पैसों के लालच में वापस आई है और धार्मिक कार्यों में बाधा डाल रही है।
पुलिस की कार्रवाई
बच्चों ने अपने संरक्षक मयंक वर्मा के साथ मिलकर पुलिस से अपनी मां और बुआ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पिता की अस्थियां वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
“यह मामला पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। श्मशान घाट के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
— सुम्मत राम साहू, थाना प्रभारी, सिविल लाइन














