युवाओं को 1000+ रोजगार के अवसर देने का लक्ष्य
बिलासपुर, 14 नवंबर। रेलवे ने स्टेशन विकास और यात्रियों की सुविधाओं को आधुनिक रूप देने का दावा करते हुए नए कदमों का ऐलान किया है। बिलासपुर मंडल के तहत आने वाली खाली पड़ी रेलवे जमीन को 35 साल की लीज पर निजी डेवलपर्स और कंपनियों को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन जमीनों पर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, यात्री विश्राम भवन और अन्य सुविधाएं बनाई जाएंगी।
लीज अवधि पूरी होने पर पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर वापस रेलवे के पास आ जाएगा। यह मॉडल स्टेशन अपग्रेडेशन के साथ-साथ रेलवे के राजस्व बढ़ाने का सबसे बड़ा स्रोत कहा जा रहा है।
स्टेशनों में शुरू होगी ‘हाल्टिंग बे’ सुविधा
बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे व्यस्त स्टेशनों में ट्रैफिक और भीड़ कम करने के लिए रेलवे ‘हाल्टिंग बे’ सुविधा शुरू करेगा।
स्टेशन में प्रवेश करने से पहले रेलवे की खाली जमीन पर एक निर्धारित जगह बनाई जाएगी, जहां
- निजी वाहन,
- कैब सेवाएं,
- और ऑटो
कुछ समय के लिए न्यूनतम शुल्क पर रुक सकेंगे।
इसके बाद वाहन सीधे ‘पिक, ड्रॉप एंड गो ज़ोन’ में जाएंगे, जिससे स्टेशन के मुख्य सर्कुलेटिंग एरिया का दबाव कम होगा।
इंटीग्रेटेड स्टेशन मैनेजमेंट निजी कंपनियों का
रेलवे “इंटीग्रेटेड स्टेशन फैसिलिटी मैनेजमेंट” मॉडल लागू कर रहा है। इसमें—
- सफाई,
- खानपान,
- पार्किंग,
- और स्टेशन की अन्य जनसुविधाएं
निजी कंपनियों को दी जाएंगी।
जबकि ट्रेन संचालन, सुरक्षा और टिकटिंग रेलवे के पास ही रहेंगे।
यह मॉडल पायलट रूप में फिलहाल बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में लागू हो रहा है।
1000 से अधिक रोजगार के अवसर का दावा
प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक प्रवीण पांडेय के अनुसार, इस नए ढांचे से युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। चार प्रमुख क्षेत्रों में 1000+ युवा जोड़े जा सकते हैं—
- टिकट बिक्री (ATVM) और हाल्ट एजेंट
- ई-कैटरिंग और फूड सर्विस
- वॉटर वेंडिंग मशीन संचालन
- पार्सल और कार्गो प्रबंधन
रेलवे का कहना है कि यह मॉडल युवाओं के लिए लंबे समय तक स्थायी आजीविका का अवसर देगा।
स्टेशनों के प्रबंधन में PPP मॉडल होगा लागू
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का संचालन PPP मॉडल पर किया जाएगा।
इससे स्टेशन को-
- अधिक आधुनिक,
- साफ-सुथरे,
- और यात्रियों के लिए सुविधाजनक
बनाने का लक्ष्य रखा गया है।













