📍 कांकेर (उत्तर बस्तर)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) द्वारा बुधवार को घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में कांकेर जिले की छात्रा इशिका बाला ने अपने दृढ़ संकल्प, संघर्ष और साहस की मिसाल पेश करते हुए 99.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है

ग्राम गोंडाहूर के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली इशिका बाला पिछले दो वर्षों से ब्लड कैंसर से जूझ रही हैं, लेकिन इस बीमारी के इलाज और शारीरिक कष्टों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई से नाता नहीं तोड़ा। उनका कहना है कि वह कभी भी अपनी पढ़ाई और सपनों से पीछे नहीं हटीं।

परीक्षा में नहीं बैठ पाने का था अफसोस, लेकिन नहीं मानी हार

पिछले साल इशिका की तबीयत इतनी खराब थी कि वह 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं। उस समय वे इलाज के लिए भर्ती थीं और उनका पूरा ध्यान सिर्फ स्वास्थ्य पर था। इस स्थिति से वे बेहद मायूस हो गई थीं, लेकिन उनके माता-पिता और शिक्षकों ने उन्हें फिर से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

दोहरी चुनौती, लेकिन जीत पूरी

इशिका ने इस सत्र में एक साथ दो जंग लड़ी—एक बीमारी के खिलाफ और दूसरी परीक्षा में श्रेष्ठता के लिए। उन्होंने कोयलीबेडा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंडाहुर से पढ़ाई की और 600 में से 595 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।

परिवार और स्कूल ने दिया संबल

इशिका के पिता शंकर बाला एक किसान हैं और मां इति बाला एक गृहिणी हैं। बेहद सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं छोड़ी। स्कूल के प्राचार्य अरुण कुमार कीर्तनीय और शिक्षकों ने इशिका के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा, “इशिका ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन, मेहनत और हिम्मत के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।”

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