बिलासपुर। कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि शिकायत की जांच के लिए बिलासपुर संभाग के आयुक्त ने एक जांच समिति का गठन कर दिया है।
उपायुक्त (विकास) की अध्यक्षता में समिति करेगी जांच
सरकार की ओर से बताया गया कि गठित समिति की अध्यक्षता उपायुक्त (विकास), बिलासपुर संभाग करेंगे। यह समिति कोरबा जिले में डीएमएफ फंड से जुड़े सभी आरोपों की जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी।
याचिकाकर्ताओं ने जमा की जमानत राशि
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ को बताया कि हाईकोर्ट नियम, 2007 के तहत आवश्यक सुरक्षा राशि 5 जनवरी 2026 को जमा कर दी गई है।
केंद्र से आई शिकायत, जिलाधिकारी को सौंपी गई
अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने अदालत को बताया कि यह शिकायत खनन मंत्रालय, भारत सरकार के अवर सचिव द्वारा 20 नवंबर 2024 को भेजे गए पत्र के माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंची थी। इसके बाद बिलासपुर संभाग आयुक्त ने इस शिकायत को कोरबा जिला के जिलाधिकारी को अग्रेषित कर दिया।
14 जनवरी को शिकायतकर्ता को बुलावा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत के निराकरण के लिए 14 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे उपस्थित होने के लिए बुलाया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को तय की है।













