राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर बिलासपुर को खास जगह दिलाने की तैयारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला विकास केंद्र बनेगा। 6 जनवरी को महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बिलासपुर के समग्र शहरी विकास के लिए ठोस राजनीतिक और प्रशासनिक पहल की शुरुआत हुई।
केंद्र–राज्य की एकजुटता से तेज होगी रफ्तार
बैठक में तोखन साहू, अरुण साव, ओ. पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस व्यापक सहभागिता ने स्पष्ट कर दिया कि अब बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य की प्राथमिकता है।
15 साल का विजन: ड्रेनेज से सिटी प्लानिंग तक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के लिए अगले 10 से 15 वर्षों का विस्तृत विकास रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में भविष्य की जनसंख्या, शहरी विस्तार, यातायात प्रबंधन, आवास, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और एकीकृत सिटी प्लानिंग पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर लागू होने वाली योजनाओं पर काम होगा।
आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब बनेगा बिलासपुर
सरकार का लक्ष्य बिलासपुर को केवल बड़ा शहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ का नया आर्थिक, शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र बनाना है। बेहतर लॉजिस्टिक्स, मजबूत बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और नए निवेश अवसरों के जरिए बिलासपुर को मध्य भारत के प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे उत्तरी छत्तीसगढ़ को भी नई आर्थिक दिशा मिलेगी।
वित्तीय संसाधनों का भरोसा
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आश्वस्त किया कि विकास रोडमैप को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, आवास, शहरी परिवहन और मूलभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं को केंद्र सरकार के साथ तालमेल में गति मिलेगी।
समावेशी राजनीति और सामूहिक संकल्प
बैठक में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास सामूहिक संकल्प है। औद्योगिक निवेश, रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से शहर में नई विकास लहर आने की उम्मीद है।
राज्य के विकास में नया मोड़
यह पहल छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में एक अहम मोड़ मानी जा रही है। डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुख नीति के तहत बिलासपुर अब तेजी से राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।













