लोकार्पण, त्वरित और पारदर्शी न्याय व्यवस्था पर दिया जोर
बिलासपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा रोड स्थित सिविल न्यायालय परिसर में नवनिर्मित अतिरिक्त न्यायालय भवन का गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। इस अवसर पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं बिलासपुर जिले के पोर्टफोलियो जज जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
करीब ₹77.17 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति से निर्मित इस आधुनिक भवन में दो पूर्ण सुविधायुक्त कोर्ट रूम, पीठासीन अधिकारियों के लिए रिटायरिंग रूम तथा स्टेनोग्राफर कक्ष बनाए गए हैं। नई सुविधाओं से न्यायिक कार्यों के संचालन में अधिक सुगमता आने की उम्मीद है।
“पक्षकारों को मिले त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय”
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने भवन निर्माण की गुणवत्ता की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट बताया। उन्होंने पेंड्रा रोड अधिवक्ता संघ, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और न्यायालय आने वाले पक्षकारों को इस नई सुविधा के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने राज्य के लगभग सभी जिला एवं बाह्य न्यायालयों का दौरा किया है। इससे उन्हें यह देखकर संतोष हुआ कि प्रदेश की न्यायिक अधोसंरचना लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने नए भवन में पदस्थ होने वाले न्यायिक अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए न्याय के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराएं।
राज्य सरकार और विभागों की सराहना
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने, नए भवनों के निर्माण, पुराने भवनों के नवीनीकरण और आधुनिक तकनीक के समावेश में राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पेंड्रा रोड का यह भवन अन्य निर्माणाधीन न्यायालय परियोजनाओं के लिए भी एक आदर्श मॉडल है।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की रही उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर के स्वागत उद्बोधन से हुई, जबकि प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पेंड्रा रोड ने आभार प्रदर्शन किया।
वर्चुअल लोकार्पण समारोह में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, संयुक्त पंजीयक-सह-प्रधान निजी सचिव, रजिस्ट्री के अधिकारी, बिलासपुर एवं पेंड्रा रोड न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।














