ग्रामीणों में नाराजगी; कलेक्टर ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत बोडसरा के खैरवार पारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के दो शिक्षकों का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ सामने आए इस मामले ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में इस तरह की गतिविधियों को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। लोगों का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी असंतोष और शिकायतें सामने आती रही हैं। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो एक-दो सप्ताह पुराना है। घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है और लोग जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा के मंदिर की गरिमा पर सवाल
मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान की गरिमा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़े संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्राचार्यों की एक जांच टीम गठित कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
दोनों कर्मचारी अवकाश पर
नवागढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी अशोक पाटले ने बताया कि जांच के सिलसिले में संबंधित विद्यालय का दौरा किया गया था, लेकिन दोनों कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन देकर अवकाश पर थे। इस कारण मौके पर उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
उन्होंने कहा, “मैं मामले की जांच के लिए संबंधित स्कूल गया था, लेकिन दोनों कर्मचारी ऑनलाइन अवकाश लेकर अनुपस्थित थे। इसलिए उनका पक्ष तत्काल नहीं लिया जा सका। जांच प्रक्रिया जारी है।”
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिक्षा विभाग मामले की जांच पूरी होने का इंतजार कर रहा है।














