रिक्त पद भरने और दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग

कबीरधाम (कवर्धा)। छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में रिक्त रह गए पदों को भरने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कवर्धा में राज्य के गृहमंत्री के निवास के बाहर डटे हुए हैं। उनकी मुख्य मांग है कि जिला रिजर्व पुलिस बल (DRPF) के लिए विज्ञापित सभी 5,967 पदों को भरा जाए और रिक्त रह गए 1,940 पदों के लिए दूसरी चयन सूची जारी की जाए।

प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी ने बताया कि RTI से मिली जानकारी के अनुसार अब तक प्रारंभिक चयन और प्रतीक्षा सूची के जरिए कुल 4,367 पद भरे गए हैं, जबकि 1,940 पद अब भी खाली हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही उम्मीदवार का नाम कई जिलों की चयन सूचियों में आने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए।

कई जिलों की सूची में एक ही उम्मीदवार का नाम

अभ्यर्थियों के अनुसार कुछ उम्मीदवारों के नाम छह से लेकर आठ-नौ जिलों तक की सूचियों में शामिल हुए। कई मामलों में चयन होने के बावजूद उन्हीं उम्मीदवारों के नाम दूसरी जगहों की प्रतीक्षा सूची में भी बने रहे। अंततः उम्मीदवार ने किसी एक जिले में ही नियुक्ति ली, जिससे बाकी जिलों में संबंधित पद खाली रह गए।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमारी सिर्फ एक मांग है कि जितने पदों का विज्ञापन हुआ था, सभी पद भरे जाएं। RTI के दस्तावेजों के मुताबिक 4,367 पद भरे गए हैं और 1,940 पद खाली हैं। इन पदों के लिए जल्द दूसरी सूची जारी की जाए।”

उन्होंने कहा कि जब तक दूसरी चयन सूची जारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

चयन प्रक्रिया में बदलाव को बताया वजह

एक अन्य अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव के कारण यह स्थिति बनी है। उनका कहना था कि सरकार को बजट में स्वीकृत और विज्ञापित पदों को पूरा भरना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारी मांग केवल इतनी है कि मूल रूप से विज्ञापित और स्वीकृत सभी पद भरे जाएं। पहले की चयन प्रक्रिया में सभी पद भर जाते थे, लेकिन प्रक्रिया बदलने के बाद बड़ी संख्या में पद खाली रह गए।”

अभ्यर्थी ने दावा किया कि चयन प्रक्रिया के संभावित परिणाम को लेकर उन्होंने परिणाम जारी होने से पहले ही अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि यदि एक ही उम्मीदवार का नाम कई जिलों की सूची में आएगा तो वह केवल एक स्थान पर ही पद ग्रहण करेगा और बाकी स्थानों के पद रिक्त रह जाएंगे।

पांच-छह साल की तैयारी का हवाला

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पुलिस भर्ती की तैयारी में पांच से छह साल तक मेहनत की है। ऐसे में विज्ञापित पदों का खाली रह जाना उनके लिए बड़ा अवसर गंवाने जैसा है।

एक अभ्यर्थी ने कहा, “कुल 5,967 पदों का विज्ञापन हुआ था। इनमें से 1,940 पद खाली रह गए। हमारी एक ही मांग है कि सभी विज्ञापित पद भरे जाएं। हमने पांच-छह साल तक तैयारी की है।”

अभ्यर्थियों के मुताबिक, गृहमंत्री ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर रिक्त पदों को लेकर प्रक्रिया में आ रही तकनीकी समस्या का हवाला दिया था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मूल प्रस्ताव के अनुसार मेरिट के आधार पर सभी स्वीकृत पदों को भरा जाना चाहिए था।

दूसरी सूची जारी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन केवल अतिरिक्त पदों की मांग नहीं, बल्कि पहले से विज्ञापित और स्वीकृत पदों को भरने को लेकर है। उनका कहना है कि यदि 1,940 रिक्त पदों के लिए दूसरी चयन सूची जारी की जाती है तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

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