45 करोड़ रुपये से ज्यादा के उपचार को मिली मंजूरी, अस्पताल परिसर में ही बन रहे आयुष्मान कार्ड

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत का केंद्र बनकर उभरा है। यहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाखों रुपये तक का उपचार नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज का सहारा मिला है।

सिम्स प्रशासन के अनुसार अस्पताल में आने वाले पात्र मरीजों को दस्तावेजों की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं होने दिया जाता। जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होता, उनके लिए अस्पताल परिसर में ही तत्काल कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध है। आधार कार्ड के माध्यम से कार्ड तैयार कर मरीजों को योजना का लाभ दिलाया जा रहा है।

दो वर्षों में 53 हजार से अधिक मरीजों को मिला लाभ

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में सिम्स के माध्यम से 27,564 हितग्राहियों ने आयुष्मान योजना का लाभ उठाया। इस अवधि में लगभग 20.71 करोड़ रुपये के उपचार दावों को स्वीकृति मिली।

वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 25,587 मरीजों का उपचार किया जा चुका है, जिन पर 25.02 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है।

जनवरी से मई 2026 के बीच ही 11,859 मरीजों को योजना का लाभ मिला, जिनके उपचार पर लगभग 9.99 करोड़ रुपये खर्च हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि सिम्स प्रदेश में आयुष्मान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

अस्पताल में ही बन रहा आयुष्मान कार्ड

आयुष्मान प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. अमित ठाकुर ने बताया कि योजना के संचालन को पूरी तरह सरल और पारदर्शी बनाया गया है। कई बार मरीज उपचार के लिए आते समय अपना आयुष्मान कार्ड साथ नहीं ला पाते या उनके पास कार्ड बना ही नहीं होता। ऐसी स्थिति में अस्पताल परिसर में ही कार्ड निर्माण की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि सिम्स का प्रयास है कि कोई भी पात्र मरीज केवल औपचारिकताओं के कारण इलाज से वंचित न रहे। आयुष्मान योजना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच साबित हो रही है।

विशेषज्ञ उपचार भी मुफ्त

सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि सिम्स प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां आधुनिक जांच सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और जटिल उपचार सेवाओं का लाभ आयुष्मान योजना के माध्यम से पात्र मरीजों को नि:शुल्क मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की प्राथमिकता मरीजों को सम्मानजनक, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। योजना ने आम लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत किया है।

‘सिम्स सिर्फ अस्पताल नहीं, भरोसे का केंद्र’

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य संरक्षण का भरोसेमंद केंद्र है। आयुष्मान भारत और डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को आर्थिक संकट से राहत मिली है।

उन्होंने बताया कि जिन गंभीर बीमारियों के इलाज में सामान्यतः लाखों रुपये खर्च होते हैं, उनका उपचार इन योजनाओं के तहत नि:शुल्क किया जा रहा है। इससे गरीब, मजदूर, किसान, बुजुर्ग और अन्य जरूरतमंद वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

लोगों से की अपील

सिम्स प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं और आवश्यकता पड़ने पर इस महत्वपूर्ण योजना के तहत उपलब्ध नि:शुल्क उपचार सुविधाओं का लाभ उठाएं।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।

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