बिलासपुर, जीपीएम, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और कोरबा में जनजीवन अस्तव्यवस्त
पुल-पुलिया टूटे, कई इलाके जलमग्न, प्रशासन राहत कार्य में जुटा
बिलासपुर। लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर संभाग में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्मार्ट सिटी बिलासपुर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। हजारों लोग घरों में कैद हैं, कई मोहल्लों में पानी घरों के भीतर घुस गया है और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में उफनते नदी-नालों ने सड़क संपर्क तोड़ दिया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई है।
हाईवे पर चार-पांच फीट पानी, आवागमन पूरी तरह बंद
बिलासपुर-मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर सड़क के ऊपर चार से पांच फीट तक पानी बहने लगा, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कोटमीसोनार के पास लीलागर नदी का पुल भी जलमग्न हो गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मार्ग बंद कर पुलिस बल तैनात कर दिया है। लोगों से जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की गई है।
रेलवे स्टेशन की पटरियां डूबीं, शहर की सड़कें बनीं झील
गुरुवार रात हुई तेज बारिश का असर शुक्रवार सुबह रेलवे स्टेशन तक दिखाई दिया। स्टेशन परिसर और कई पटरियों पर पानी भर गया। हालांकि रेलवे ने ट्रेनों का संचालन जारी रखा। शहर के पुराना बस स्टैंड, सरकंडा, तोरवा, श्रीकांत वर्मा मार्ग, व्यापार विहार, हंसा विहार, देवरीखुर्द, राजकिशोर नगर, मोपका, सिरगिट्टी, मंगला और उसलापुर सहित अनेक इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। कई घरों में रातभर पानी घुसा रहा, जिससे लोगों को सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा।
बिजली व्यवस्था चरमराई, निगम की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल
बारिश के दौरान कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने से शहर के बड़े हिस्से में बिजली गुल रही। सुबह तक कई कॉलोनियों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल होने के कारण नगर निगम पर सवाल उठ रहे हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर निगम आयुक्त के नर्मदानगर स्थित सरकारी आवास में भी पानी घुस गया, जिसे मोटर पंप लगाकर बाहर निकाला जा रहा है।
जीपीएम में पुलिया टूटी, अचानकमार में एनिकट क्षतिग्रस्त
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लगातार बारिश से कई छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं। निर्माणाधीन बिलासपुर-जबलपुर मार्ग पर कारियाम और जोगीसार के बीच एक निर्माणाधीन पुलिया टूटकर दो हिस्सों में बंट गई, जिससे बिलासपुर-पेंड्रारोड संपर्क बाधित हो गया। अब लोगों को खोडरी होकर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में भी कई छोटे एनिकट और वन विभाग की संरचनाएं क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
मुंगेली, जांजगीर-चांपा और कोरबा में भी हालात खराब
मुंगेली जिले में लगातार बारिश से खुड़िया जलाशय क्षेत्र और नहरों के पुराने ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई ग्रामीण मार्गों पर पानी भरने से आवाजाही बाधित है। जांजगीर-चांपा में लीलागर सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। कोरबा जिले में भी सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और नदी-नालों के उफान पर होने से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अरपा नदी उफान पर, भैंसाझार डायवर्सन खोला गया
जीपीएम और अचानकमार क्षेत्र में भारी वर्षा का असर अरपा नदी पर भी दिखाई दे रहा है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण भैंसाझार डायवर्सन खोल दिया गया है। प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर ने किया पैदल निरीक्षण
बिगड़ते हालात को देखते हुए बिलासपुर जिले में शुक्रवार को स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नगर निगम आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का पैदल निरीक्षण किया। कुछ राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, जलमग्न सड़कों और पुल-पुलियों को पार न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने प्रयासरत है।














