लिव-इन में रह रहे दोनों इंजीनियरों की मौत से सनसनी, रिश्ते में तनाव या कोई और वजह? पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

रायपुर/गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने आईटी पेशेवरों के बीच सनसनी फैला दी है। सेक्टर-55 स्थित एक पीजी में रहने वाली 24 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना के कुछ ही समय बाद उसके साथ रह रहे छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी 25 वर्षीय एआई इंजीनियर का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक ने पहले युवती की हत्या की और फिर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, मामले में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं और पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी इशारा आयुबी (24) के रूप में हुई है, जबकि मृत युवक श्रेष्ठ मलिक (25) दुर्ग जिले के भिलाई का रहने वाला था। दोनों गुरुग्राम के सेक्टर-59 स्थित एक निजी कंपनी ऑप्टम ग्लोबल सॉल्यूशंस में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, नौकरी के दौरान दोनों की पहचान हुई थी और हाल ही में वे एक साथ सेक्टर-55 स्थित ‘क्लाउड नाइन पीजी’ में रहने लगे थे।

परिजनों की सूचना पर खुला हत्या का राज

रविवार को इशारा के परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर बताया कि वह कई घंटों से फोन नहीं उठा रही है। सूचना मिलने पर सेक्टर-56 थाना पुलिस पीजी पहुंची। कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई तो फर्श पर खून फैला हुआ था और इशारा का शव पड़ा मिला। फॉरेंसिक टीम के अनुसार, उसकी हत्या चाकू से कई वार करने और गला रेतने के बाद की गई थी। प्रथम दृष्टया वारदात करीब एक दिन पहले की बताई जा रही है।

रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव

घटनास्थल से श्रेष्ठ मलिक गायब मिला। उसकी तलाश के दौरान सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने जानकारी दी कि 11 जुलाई को गुरुग्राम में एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। शव के पास मिले मोबाइल फोन और अन्य पहचान के आधार पर उसकी पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद उसने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी।

सिर्फ तीन दिन पहले साथ रहने लगे थे

पुलिस जांच में सामने आया है कि इशारा तीन दिन पहले ही अपना पुराना पीजी छोड़कर श्रेष्ठ के साथ रहने आई थी। दोनों एक ही कंपनी में कार्यरत थे और उनके बीच नजदीकी संबंध थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच ऐसा क्या विवाद हुआ, जिसने इस दर्दनाक घटना का रूप ले लिया।

पिता ने उठाए पुलिस की थ्योरी पर सवाल

श्रेष्ठ मलिक के पिता दीपक मलिक ने हत्या के बाद आत्महत्या की पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना वाले दिन श्रेष्ठ ने अपने भाई को फोन कर बताया था कि एक युवती उसे गंभीर धमकियां दे रही है। हालांकि उसने न तो युवती का नाम बताया था और न ही विवाद की वजह। परिजनों का कहना है कि वे इशारा को नहीं जानते थे और उनका बेटा किसी की हत्या नहीं कर सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सीडीआर, फॉरेंसिक और सीसीटीवी से जुड़ेगी पूरी कड़ी

सेक्टर-56 थाना प्रभारी मनोज कुमार के अनुसार मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), डिजिटल साक्ष्य और पीजी सहित आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। दोनों के पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और दोनों मौतों के बीच का संबंध स्पष्ट हो सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here