72 घंटे के अभियान में मुख्य आरोपियों के साथ चोरी का सोना खरीदने वाले भी गिरफ्तार, जेवर और नकदी बरामद

बिलासपुर, 6 अगस्त। सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को धमकाकर करोड़ों जैसी कीमत के सोने के जेवर और लाखों रुपये की नकदी हड़पने के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जबरन वसूली के जरिए हासिल किए गए सोने के जेवर और नकदी भी बरामद कर ली है।

पुलिस के अनुसार, राजीव विहार निवासी एक परिवार की शिकायत पर सरकंडा थाने में अपराध क्रमांक 1122/2026 दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि जनवरी 2025 से 1 जुलाई 2026 के बीच आरोपियों ने परिवार की नाबालिग लड़की को डरा-धमकाकर और उसके परिजनों की हत्या की धमकी देकर करीब 14.50 लाख रुपये नकद तथा लगभग 450 ग्राम सोने के आभूषण अपने कब्जे में ले लिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस ने 2 अगस्त को छापेमारी कर आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडेय को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए प्रियाम शर्मा, आकाश झा, शौर्य करोलीया, राजेश सोनी उर्फ राजू तथा खुशबू बुधिया को भी 5 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। राजेश सोनी व खुशबू बुधिया ने आरोपियों से सोना खरीदा था।

जांच में यह भी सामने आया कि जबरन वसूले गए सोने के आभूषण कुछ लोगों को बेच दिए गए थे। पुलिस ने उन खरीदारों को भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया और उनके पास से सोने के जेवर बरामद कर लिए। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि इस मामले में नाबालिग को भय और धमकी का माध्यम बनाकर बड़ी रकम और कीमती आभूषण हड़पे गए थे। लगातार 72 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पूरी साजिश का खुलासा करते हुए सभी प्रमुख आरोपियों और अवैध खरीदारों तक पहुंच बनाई गई।

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