सीएम साय ने कहा– तिरंगे में 140 करोड़ भारतीयों को एकजुट करने की ताकत

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी रायपुर सोमवार को देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों नागरिकों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर हिस्सा लिया। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू हुई यह यात्रा सुभाष स्टेडियम तक पहुंची। पूरे रास्ते ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’, ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ और ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के नारों से माहौल गूंजता रहा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, गौरव और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाषा, संस्कृति, परंपरा और क्षेत्र अलग होने के बावजूद तिरंगा देश के 140 करोड़ लोगों को एक सूत्र में बांधने की ताकत रखता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उल्लेख करते हुए लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने और तिरंगा यात्राओं में भाग लेने की अपील की।

स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में समाज के हर वर्ग और देश के हर हिस्से के लोगों ने योगदान दिया। अनेक लोगों ने अपने घर-परिवार और सुख-सुविधाएं छोड़कर मातृभूमि के लिए जीवन तक न्योछावर कर दिया। इन्हीं बलिदानों की वजह से भारत को आजादी और लोकतंत्र की विरासत मिली।

छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए साय ने शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक गुंडाधुर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और अंग्रेजी अन्याय का विरोध किया। वहीं गुंडाधुर ने आदिवासी समाज को संगठित कर विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष किया।

साय ने कहा कि वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर सहित प्रदेश के अनेक ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष छत्तीसगढ़ के इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहर है। नई पीढ़ी तक उनके संघर्ष, साहस और आदर्शों को पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।

बस्तर में शांति और विकास की ओर बढ़ने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक हिंसा और भय से प्रभावित रहा, लेकिन अब वह शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के प्रयासों से ऐसे क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है, जहां कभी हिंसा का असर रहा।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष बस्तर में भी स्वतंत्रता दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। गांवों और दूरस्थ इलाकों में तिरंगा यात्राएं निकालकर राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।

करीब एक किलोमीटर लंबा तिरंगा बना आकर्षण

यात्रा में स्कूली विद्यार्थियों द्वारा थामा गया करीब एक किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थी अनुशासित कतारों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े, जबकि उनके साथ बड़ी संख्या में शहरवासी यात्रा में शामिल हुए।

मार्ग में जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और घरों तथा प्रतिष्ठानों से लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। देशभक्ति गीतों और नारों से पूरे मार्ग पर राष्ट्रभक्ति का माहौल बना रहा।

युवा शक्ति की भागीदारी ने बढ़ाया उत्साह

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तिरंगा यात्रा और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नायकों के बलिदान को याद करने का अवसर है। रायपुर के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देश के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा भारत की राष्ट्रीय पहचान, गौरव और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे सामूहिक देशभक्ति की अभिव्यक्ति बताते हुए लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आह्वान किया।

यात्रा में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मोतीलाल साहू और पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

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