13.40 किमी लंबे कोनी-मोपका बाईपास को लेकर सख्त रुख, रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली पर भी दो सप्ताह में जवाब तलब
बिलासपुर। बिलासपुर शहर के लिए महत्वपूर्ण 13.40 किलोमीटर लंबे कोनी-मोपका बाईपास सड़क के निर्माण की समयसीमा तय नहीं होने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से इस संबंध में जवाब मांगा है।
बुधवार को हुई सुनवाई में सामने आया कि NHAI द्वारा कराए जाने वाले कोनी-मोपका बाईपास के निर्माण को पूरा करने के लिए अभी तक कोई निश्चित समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है। कोर्ट के समक्ष 31 अगस्त 2026 के पत्र का भी उल्लेख किया गया। इस पर हाईकोर्ट ने NHAI के अधिवक्ता को आवश्यक निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
मामले में नियुक्त Amicus Curiae ने 9 सितंबर 2026 को प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब स्थिति की ओर भी कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया। सड़क की बदहाली को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने NHAI को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
चार प्रमुख सड़कों की स्थिति भी कोर्ट में पेश
राज्य सरकार की ओर से लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव ने पूर्व के न्यायालयीन आदेश के पालन में शपथपत्र दाखिल कर चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इनमें 15.315 किलोमीटर लंबी पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक सड़क, 14.40 किलोमीटर लंबी सीपत-बालोद-कोरबा सड़क, 2.50 किलोमीटर लंबी कांट वर्मा चौक से सीएमडी चौक लिंक रोड तथा 13.15 किलोमीटर लंबी भाटापारा-सिमरिया-चांदखुरी सड़क शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने इन सड़क परियोजनाओं की प्रगति और संबंधित विभागों की कार्रवाई को भी रिकॉर्ड पर लिया है। कोनी-मोपका बाईपास और रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर NHAI का जवाब अब अगली सुनवाई में महत्वपूर्ण रहेगा।














