बिरगांव में 76 प्रतिभाओं का सम्मान
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों, मजदूरों, कारीगरों और श्रमवीरों की मेहनत ही छत्तीसगढ़ के विकास की मजबूत नींव है। उनके परिश्रम और हुनर का सम्मान करते हुए सरकार 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री बुधवार को बिरगांव के बुधवारी बाजार मैदान में आयोजित भगवान विश्वकर्मा पूजा एवं किसान-मजदूर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और निर्माण के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा हमें श्रम और हुनर के सम्मान के साथ समाज और प्रदेश के निर्माण की राह दिखाती है।
मजदूर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर जोर
साय ने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों को जन्म से लेकर बच्चों की शिक्षा और आजीविका तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के 200 प्रतिभावान बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। महिलाओं को ई-रिक्शा सहित स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की बात भी उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि से गांव और फिर पूरा राज्य मजबूत होगा। उन्होंने धान की सरकारी खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किए जाने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।
बिरगांव में 175 करोड़ के काम
मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में करीब 175 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें सड़क, पेयजल, स्वच्छता और शहरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
समारोह में सामाजिक कार्य, कला, संस्कृति, साहित्य, खेल और विज्ञान समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली 76 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
साय ने कहा कि सम्मान केवल उपलब्धि की पहचान नहीं, बल्कि समाज में बेहतर काम करने की प्रेरणा भी है।














