रायपुर की PMLA अदालत में दाखिल छठी चार्जशीट में 42 आरोपी; ED के मुताबिक 14 गिरफ्तार, ₹2,104 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच
नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत के सामने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। एजेंसी के मुताबिक महादेव ऐप और उससे जुड़ी वेबसाइटों ने पिछले करीब एक दशक में कथित तौर पर ₹94,400 करोड़ की अपराध से अर्जित आय पैदा की। ED ने यह भी कहा है कि मुख्य प्लेटफॉर्म अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और बड़ी संख्या में पैनल अब भी संचालित किए जा रहे हैं। ये आंकड़े और आरोप एजेंसी की हाल में दाखिल छठी अभियोजन शिकायत यानी चार्जशीट का हिस्सा हैं।
ED ने अदालत को बताया कि महादेव ऑनलाइन बुक विदेशी सर्वरों पर संचालित कथित अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों का एक समूह है। एजेंसी के अनुसार, इसके प्रमुख प्रमोटर और कई पैनल संचालक छत्तीसगढ़ से जुड़े रहे हैं। हालांकि, ₹94,400 करोड़ का आंकड़ा एजेंसी का प्रारंभिक अनुमान है, और ED ने कहा है कि आगे कोई बेहतर साक्ष्य मिलने पर इसमें संशोधन या अतिरिक्त जानकारी अदालत के समक्ष रखी जाएगी।
स्थानीय स्तर पर पुलिस और नेताओं की मिलीभगत का ED का आरोप
चार्जशीट में ED ने महादेव ऐप के संचालन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि इस नेटवर्क का स्थानीय संचालन छत्तीसगढ़ में पुलिस और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों के कथित सहयोग से चलता था। ED ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ नौकरशाहों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों को कथित तौर पर अवैध भुगतान किया गया, ताकि सट्टेबाजी गतिविधियों की अनदेखी की जा सके। ये आरोप फिलहाल जांच एजेंसी के हैं और अदालत में इनका न्यायिक निर्धारण होना बाकी है।
2019 के बाद अकेले मुख्य ऐप से ₹75-80 हजार करोड़ का अनुमान
ED के मुताबिक, वर्ष 2019 से पिछले सात वर्षों के दौरान मुख्य महादेव ऐप से कथित अपराध से अर्जित आय का अनुमान ₹75,000 से ₹80,000 करोड़ है। इसके अलावा एजेंसी ने इससे जुड़ी वेबसाइटों के कारोबार का भी उल्लेख किया है।
- SkyExchange.com से कथित तौर पर करीब ₹11,000-12,000 करोड़
- Lotus365.com से करीब ₹2,400 करोड़
की अपराध से अर्जित आय होने का अनुमान ED ने लगाया है। एजेंसी ने यह भी बताया कि SkyExchange वर्ष 2016 से संचालित होने का आरोप है।
पैनल संचालकों की कमाई ₹3.5 करोड़ से ₹60 करोड़ तक
जांच एजेंसी के मुताबिक भिलाई, रायपुर, भोपाल और दिल्ली जैसे शहरों से जुड़े कुछ पैनल संचालकों ने कथित तौर पर ₹3.5 करोड़ से लेकर ₹60 करोड़ तक कमाए। ED का आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल शादियों, जमीन और मकान खरीदने, सोना, महंगी कारों और महंगी साड़ियों जैसी वस्तुओं पर किया गया।
ED के अनुसार, मामले की जांच के दौरान अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि करीब ₹2,104 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच की गई हैं। छह चार्जशीट में एजेंसी ने कुल 116 आरोपियों की पहचान की है और देशभर में 190 ठिकानों पर तलाशी की है।
क्रिकेट से लेकर कार्ड गेम और चुनावी सट्टे तक
ED के अनुसार महादेव नेटवर्क के जरिये पोकर, कार्ड गेम और अन्य चांस गेम के अलावा क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबॉल जैसे लाइव खेलों पर सट्टा लगाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। एजेंसी ने Teen Patti, Dragon Tiger और Virtual Cricket जैसे गेम्स का भी उल्लेख किया है।
चार्जशीट के मुताबिक नेटवर्क से जुड़े कुछ ऐप भारत में होने वाले चुनावों पर भी सट्टा लगाने की सुविधा उपलब्ध कराने का आरोप झेल रहे हैं।
सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से प्रचार का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक महादेव से जुड़ी वेबसाइटों का प्रचार बंद WhatsApp और Telegram समूहों तथा Facebook पेजों के जरिये किया जाता था। ED का कहना है कि इसके जरिये युवाओं को सट्टेबाजी और कथित तौर पर तेजी से पैसा कमाने के लिए आकर्षित किया जाता था।
दुबई से लौटते ही अभिषेक कुमार गिरफ्तार
इसी मामले में एक अन्य बड़ी कार्रवाई के तहत CBI ने अभिषेक कुमार को 24 सितंबर को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। वह दुबई से लौटकर हैदराबाद पहुंचा था। CBI के अनुसार, जांच में उसकी भूमिका महादेव बुक के तहत ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालन, पैनलों के समन्वय, रकम जुटाने और कथित सट्टेबाजी आय से दुबई में अचल संपत्तियां खरीदने में सामने आई है।
CBI के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद की गई तलाशी में ऐसा सामग्री बरामद हुई, जो उसे अन्य प्रमुख आरोपियों से जोड़ती है। एजेंसी ने उसके संबंध सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी से होने का भी आरोप लगाया है।
रायपुर कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड दी
हैदराबाद की अदालत से तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अभिषेक कुमार को रायपुर लाया गया। रायपुर की अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया।
CBI के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप से संबंधित 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। एजेंसी का कहना है कि अब तक इस मामले में करीब 100 आरोपियों के खिलाफ आठ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं।
मुख्य प्रमोटरों को भारत लाने की कोशिश
CBI ने बताया है कि मामले के मुख्य प्रमोटरों को भारत लाने के प्रयास जारी हैं। एजेंसी के अनुसार, अब तक सात Red Corner Notices और दो extradition proposals जारी किए गए हैं, जबकि दो आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण प्रक्रिया चल रही है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के संबंध में भी एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।
कुल मिलाकर, महादेव मामले में ED और CBI की ताजा कार्रवाई से जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर ED ने अपने नवीनतम आरोपपत्र में नेटवर्क की कथित वित्तीय गतिविधियों और स्थानीय संचालन को लेकर नए दावे किए हैं, वहीं CBI की कार्रवाई मुख्य आरोपियों और उनके कथित सहयोगियों तक पहुंचने पर केंद्रित है।














