जाने-माने आठ कवियों ने दी प्रस्तुतियां, गीतों और हास्य-व्यंग्य से देर रात तक गूंजता रहा सभागार
बिलासपुर। एसईसीएल मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत 25 सितंबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित इस साहित्यिक संध्या में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आठ कवियों ने हास्य, व्यंग्य, गीत, शृंगार और वीर रस की रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा। कवियों की प्रस्तुतियों के दौरान सभागार में हंसी और तालियों की गूंज सुनाई देती रही।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
गीतों और हास्य-व्यंग्य से सजी साहित्यिक संध्या
कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध कवयित्री एवं गीतकार डॉ. सरिता शर्मा ने जीवन, रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी। हास्य कवि एवं लोक गायक जगवीर राठी ने अपनी लोक शैली और हास्यपूर्ण अंदाज से श्रोताओं को खूब हंसाया।
वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि सुदीप भोला ने अपनी चुटीली रचनाओं के माध्यम से सामाजिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किए। वहीं, ओज और वीर रस के कवि अशोक चारण ने जोशीली कविताओं से श्रोताओं में उत्साह का संचार किया।
युवा कवि एवं गीतकार स्वयं श्रीवास्तव ने संवेदनशील गीतों के जरिए श्रोताओं को भावुक किया। हास्य-व्यंग्य के लोकप्रिय कवि शंभू शिखर ने अपनी मंचीय शैली से सभागार में हंसी का माहौल बनाए रखा।
शृंगार और हास्य की कविताओं ने भी जीता श्रोताओं का ध्यान
शृंगार और प्रेम रस की कवयित्री डॉ. तिष्या श्री ने अपनी मधुर कविताओं से साहित्यिक संध्या में प्रेम और संवेदनाओं के रंग भरे। युवा हास्य कवि एवं व्यंग्यकार हीरामणि वैष्णव ने अपनी विशिष्ट शैली में हास्य प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मनोरंजन किया।
कवियों की विविध रचनाओं में हास्य, व्यंग्य, गीत, प्रेम और वीर रस के अलग-अलग रंग देखने को मिले। कार्यक्रम के दौरान श्रोता देर रात तक प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कवि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने आमंत्रित कवियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि राजभाषा पखवाड़ा के तहत आयोजित कवि सम्मेलन हिंदी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है। कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को दिशा देने और सकारात्मक संदेश पहुंचाने का काम करते हैं।
एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी-संचालन) रमेश चंद्र महापात्र और निदेशक (तकनीकी-योजना एवं परियोजना) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे नृपेन्द्र नाथ उपस्थित रहे।
इसके अलावा श्रद्धा महिला मंडल की उपाध्यक्ष इप्सिता दास और विनिता जैन सहित एसईसीएल संचालन समिति, कल्याण मंडल, सुरक्षा समिति, सीएमओएआई, सिस्टा, ओबीसी प्रतिनिधियों, विभिन्न श्रम संघों के प्रतिनिधियों, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।













