‘वोट चोरी’ और SIR के विरोध में प्रदर्शन, पद से हटाने और गिरफ्तारी की मांग; पुलिस से कार्यकर्ताओं की हुई खींचतान
बिलासपुर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध सोमवार को बिलासपुर में सड़क पर उतर आया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से निकला विरोध मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच छीना-झपटी भी हुई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस भवन से शुरू हुआ मार्च, कलेक्ट्रेट के सामने पुतला दहन
जिला शहर और ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के संयुक्त आयोजन में कार्यकर्ता सुबह करीब 11.30 बजे कांग्रेस भवन में जुटे। इसके बाद कलेक्ट्रेट की ओर विरोध मार्च निकाला गया। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर के लिए खींचतान की स्थिति बन गई। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला जला दिया।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा की मांग रखी गई। कांग्रेस ने अपने आंदोलन को तब तक जारी रखने की बात कही है, जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
SIR को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कई सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि SIR के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने, Form-6 में बदलाव और चुनावी डेटा को केंद्रीकृत करने जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों का भी मुद्दा उठाया। पार्टी की ओर से जारी सामग्री में दावा किया गया है कि पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। यही दावा बिलासपुर में आंदोलन से पहले जारी कांग्रेस के कार्यक्रम संबंधी बयान में भी किया गया था।














