हाथियों के काफिले में आया नया नन्हा मेहमान, संख्या बढ़कर 53 हुई, ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही वन परिक्षेत्र के मटियाडांड बीट में विचरण कर रहे हाथियों के झुंड में एक नन्हा हाथी शामिल हो गया है। करीब पांच दिन पहले जन्मे इस शावक के साथ झुंड में हाथियों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। नवजात की सुरक्षा को लेकर पूरा झुंड सतर्क है और हाथी उसे चारों ओर से घेरकर चल रहे हैं। ऐसे में हाथियों के नजदीक जाना खतरनाक हो सकता है। वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की मुनादी कराई है।
पसान रेंज के जंगल में हुआ जन्म
वन विभाग के अनुसार, गर्भवती हथिनी ने पसान वन परिक्षेत्र के बैंकहेता जंगल स्थित कक्ष क्रमांक पी-163 में शावक को जन्म दिया था। विभाग को पहले से हथिनी के गर्भवती होने की जानकारी थी। गश्त के दौरान जंगल में प्रसव के बाद निकली नाल मिलने पर शावक के जन्म की पुष्टि हुई।
इसके बाद हथिनी अपने नवजात के साथ सुखाड़ नाला पार कर मरवाही वन परिक्षेत्र के मटियाडांड जंगल पहुंच गई। फिलहाल झुंड इसी इलाके में विचरण कर रहा है।
नवजात की सुरक्षा में जुटा पूरा झुंड
नन्हे हाथी को झुंड के बीच सुरक्षित रखा जा रहा है। हाथी इस तरह चल रहे हैं कि शावक चारों ओर से घिरा रहे। वन विभाग के मुताबिक, इस स्थिति में हाथियों के पास जाने या उन्हें परेशान करने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है।
गांवों में मुनादी, जंगल में नहीं जाने की सलाह
वन विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जंगल में प्रवेश नहीं करने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। जंगल और आसपास के खेतों में पर्याप्त भोजन उपलब्ध होने के कारण हाथियों के जल्द क्षेत्र छोड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।













