आपराधिक केस और विभागीय जांच में गवाह व आरोप समान, अधिकारी ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

बिलासपुर, 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एएसपी अनामिका जैन के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने उस स्थिति पर विचार किया जिसमें एक ही आरोपों और समान गवाहों के आधार पर उनके खिलाफ आपराधिक केस और विभागीय जांच दोनों चल रही थीं। अनामिका जैन ने इस दोहरी कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।

दुर्ग में पदस्थापना के दौरान दर्ज हुआ था अपराध

अनामिका जैन वर्तमान में रायपुर पुलिस मुख्यालय (PHQ) में पदस्थ हैं। वर्ष 2020 में दुर्ग जिले में पदस्थापना के दौरान भिलाई निवासी केवी अरुण की शिकायत पर उनके खिलाफ पुरानी भिलाई थाने में अपराध दर्ज किया गया था। इस मामले में चालान पेश होने के बाद राज्य शासन के गृह विभाग ने उन्हें आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी।

समान आरोपों पर दोहरी कार्यवाही को दी चुनौती

अनामिका जैन की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई कि आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच दोनों का आधार एक ही घटना, आरोप और गवाह हैं। ऐसे में समान तथ्यों पर अलग से विभागीय जांच चलाने पर आपत्ति जताई गई। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए विभागीय जांच की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

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