राज्योत्सव के समापन पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा- अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने इसे संवारने का काम किया
67.40 लाख महिलाओं के खातों में 632.63 करोड़ रुपये ट्रांसफर
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के डर और हिंसा से बाहर निकलकर शांति, विकास और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। अगले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ की पहचान सिर्फ प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध प्रदेश की नहीं होगी, बल्कि यहां के लोग भी खुशहाल और समृद्ध होंगे।
नवा रायपुर में मंगलवार को आयोजित राज्योत्सव 2026 के समापन एवं राज्य अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बदलने का काम किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार प्रदेश को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में काम कर रही है।
नक्सलवाद के खात्मे से खुलेगा विकास का रास्ता
शाह ने कहा कि बस्तर और प्रदेश के दूसरे आदिवासी इलाकों में नक्सलवाद ने वर्षों तक भय और हिंसा का माहौल बनाए रखा। जिन जंगलों की पहचान महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों से होनी चाहिए थी वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। बच्चों के हाथों में किताबों की जगह हथियार थमाने की कोशिश हुई। स्कूल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नक्सली हिंसा की भेंट चढ़ीं।
उन्होंने सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों का स्वागत है लेकिन निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
शाह ने कहा कि नक्सलवाद की वजह से बस्तर की पर्यटन संभावनाएं सामने नहीं आ सकीं। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेश्वरी और बम्लेश्वरी मंदिर तथा बस्तर दशहरा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। शांति स्थापित होने से पर्यटन, उद्योग, कारोबार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला जैसी लोककलाओं के संरक्षण की जरूरत बताते हुए कहा कि बस्तर की संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक पहचान मिलनी चाहिए।
70 फीसदी से ज्यादा गारंटी पूरी करने का दावा
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के 70 प्रतिशत से अधिक वादे पूरे कर दिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित, महतारी वंदन योजना और लघु वनोपज सहित कई क्षेत्रों में काम हो रहा है।
उन्होंने राज्य गठन के बाद प्रदेश के बजट में करीब 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 25 गुना वृद्धि का दावा किया। साक्षरता दर भी लगभग 55 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंचने की बात कही।
महतारी वंदन की 33वीं किस्त जारी
समारोह में शाह ने महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त के रूप में 67 लाख 40 हजार 410 महिलाओं के बैंक खातों में 632.63 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इनमें ई-केवाईसी पूरी कर चुकीं 67,33,502 महिलाएं और नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाएं शामिल हैं। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाते हैं।
नवा रायपुर बनेगा पीपल सिटी
शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां करीब 2,500 पीपल के पौधे लगाए गए हैं। सरकार ने नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने और पांच लाख पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।
राज्य अलंकरण से प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में शाह ने साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, चिकित्सा, समाजसेवा और जनकल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण प्रदान किए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा रहा है। अब सुरक्षा और शांति का माहौल बनने से बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, संचार और रोजगार के कामों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर सरकार काम कर रही है। प्रदेश के विकास में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।














