बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के एक सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि पिछले 232 दिनों में बिलासपुर में 7500 से अधिक अपराध पंजीकृत हुए हैं। इनमें मारपीट, चाकूबाजी, हत्या, बलात्कार, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने इन आंकड़ों को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए प्रतिक्रिया दी है। 

देवेंद्र यादव ने अपने सवाल में पूछा था कि चुनाव से पहले बीजेपी और वर्तमान विधायक ने वादा किया था कि वे 15 दिनों में बिलासपुर को अपराधमुक्त बना देंगे, लेकिन आज स्थिति और भी बिगड़ गई है। यादव ने कहा, “आज बिलासपुर को ‘अपराधपुर’ बना दिया गया है।”

उपमुख्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा कि पिछले 232 दिनों में 129 बलात्कार के मामले सामने आए हैं, जिसमें एक छह साल की मासूम के साथ दुष्कर्म भी शामिल है।

यादव ने सवाल उठाया कि बीजेपी सरकार के बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान का क्या मतलब है जब बेटियाँ और महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते अपराध का मुख्य कारण अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे वे बेखौफ होकर अपनी गतिविधियाँ जारी रख रहे हैं।

इस मामले को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस हुई और उपमुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया।

शैलेष पांडेय की तीखी प्रतिक्रिया

विधानसभा में उपमुख्यमंत्री द्वारा दी गई जानकारी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने शहर में बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पांडेय ने कहा, “बिलासपुर में हर रोज कहीं न कहीं चाकूबाजी की घटनाएं हो रही हैं। आजकल किसी भी बात पर चाकू निकल आता है। ऐसा लगता है कि अब मुंह से कम और चाकू से ज्यादा बात होने लगी है।”

उन्होंने कहा कि अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं है। वे खुलेआम अपराध कर रहे हैं। पिछले छह महीनों में 129 बलात्कार की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म भी शामिल है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” अभियान के बावजूद बेटियां और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

पूर्व विधायक ने कहा कि चुनाव से पहले बीजेपी और वर्तमान विधायक ने वादा किया था कि वे 15 दिनों में बिलासपुर को अपराधमुक्त बना देंगे, लेकिन वे अपने वादे को पूरा करने में असफल रहे हैं। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे वे बेखौफ होकर अपनी गतिविधियां जारी रख रहे हैं।

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